मानदेय बढ़ाने समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जलसहियाओं ने भरी हुंकार, 20 नवंबर को बड़ी बैठक

गिरिडीह। झारखंड राज्य जलसहिया महिला कर्मचारी संघ की जिला शाखा गिरिडीह के जिला अध्यक्ष दिव्या देवी की अध्यक्षता में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को किरण पब्लिक स्कूल के मैदान में जलसहियाओं की एक विशाल बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सितारा प्रवीण, प्रदेश मुख्य संरक्षक अशोक कुमार सिंह सहित जिले के 13 प्रखंडों से सैकड़ों जलसहिया एवं मास्टर जलसहिया शामिल हुए।
बैठक में जलसहियाओं ने सरकार के समक्ष पांच सूत्रीय मांगें रखीं। इनमें वर्तमान मासिक मानदेय के स्थान पर सम्मानजनक मानदेय की मांग, मास्टर जलसहिया को न्यूनतम 12,000 रुपये मासिक मानदेय देने की मांग प्रमुख है।
जलसहियाओं ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में पर्यवेक्षक या प्रोन्नति प्राप्त जलमित्र की सीधी नियुक्ति का विरोध किया और मांग किया कि ऐसे पदों पर जलसहियाओं को ही प्राथमिकता दी जाए। ग्रामीण योजनाओं में मुखिया के साथ केवल एक भंडार और एक जलसहिया को कार्य प्राधिकृत करने संबंधी निर्णय को रद्द करने की मांग भी उठाई गई।
इसके अलावा शहरी क्षेत्र घोषित होने से प्रभावित ग्रामीण जलसहियाओं को शहरी वार्ड में सम्मिलित करने, जलसहिया नियुक्ति नियमावली बनाने और कार्यरत अवस्था में दुर्घटनाग्रस्त होने पर पांच लाख रुपये के बीमा की मांग की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश मुख्य संरक्षक अशोक कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार जलसहियाओं के प्रति उदासीन रही है। उन्होंने कहा कि जहां मैय्या सम्मान योजना में महिलाओं को 2,500 रुपये मासिक भत्ता दिया जा रहा है, वहीं जलसहिया और मास्टर जलसहिया को मात्र 2,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है।
उन्होंने विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री से इस अंतर पर सवाल उठाया और कहा कि मुखिया के साथ एक भंडार व एक जलसहिया को योजना में शामिल करने का निर्णय भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला है।
प्रदेश अध्यक्ष सितारा प्रवीण के प्रस्ताव पर बैठक में निर्णय लिया गया कि 20 नवंबर 2026 को गिरिडीह में सभी जलसहियाओं की बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आंदोलन का निर्णायक रणनीति घोषित किया जाएगा।
बैठक में जिला मंत्री सरिता देवी, सदर प्रखंड अध्यक्ष पूनम पांडे, सुनीता देवी, नीतू देवी, सोनी देवी, सीमा देवी, रामेश्वर राय, संगीता देवी, पिंकी कुमारी और पार्वती देवी सहित पीरटांड, डूमरी, गांडेय, जमुआ, तिसरी, बगोदर व धनवार सहित 13 प्रखंडों की प्रतिनिधि उपस्थित रहीं।