लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव और प्रेस की स्वतंत्रता के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी: अमित रंजन तिवारी
लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष जारी : अमित रंजन तिवारी
गढ़वा जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव अमित रंजन तिवारी ने कहा कि सरकार के अलोकतांत्रिक रवैये से लोगों की हिम्मत घटने के बजाय और बढ़ रही है। कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों और आम लोगों की समस्याओं को लेकर हमेशा सजग रही है। पार्टी जनहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे को मजबूती से उठाएगी और जनता की आवाज को संबंधित मंचों तक पहुँचाने का कार्य करेगी।
उन्होंने दिल्ली से सामने आ रही कुछ खबरों और दृश्यों के आधार पर पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की है। और कहा कि इन घटनाओं में पुलिस के पत्रकारों के साथ व्यवहार और हिरासत में लिए जाने की परिस्थितियों की निष्पक्ष पुष्टि आवश्यक है। पहचान पत्र दिखाने के बाद भी पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने के आरोपों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, क्योंकि ऐसे मामलों का प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रभाव पड़ सकता है।
अमित रंजन तिवारी ने कहा कि भारतीय पत्रकारों की बहादुरी और प्रतिबद्धता प्रशंसनीय है। हिरासत से बाहर आने के बाद पत्रकारों द्वारा फिर से रिपोर्टिंग में जुटने की खबरें सामने आई हैं।
कुछ रिपोर्टों का हवाला देते हुए सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों का उल्लेख किया है, जिनके अनुसार पत्रकारों, वकीलों और अन्य पेशेवरों को अपना काम करने से अनावश्यक रूप से नहीं रोका जाना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से भी पत्रकारों और अन्य लोगों को अपना कार्य करने में बाधा न डालने की बात कही गई थी। ऐसे में जमीनी स्तर पर पत्रकारों को रोकने या हिरासत में लेने की शिकायतों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
महासचिव अमित रंजन तिवारी ने दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन, कथित वोट चोरी के आरोपों तथा पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मताधिकार, निष्पक्ष चुनाव और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।
श्री तिवारी ने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के समक्ष अपनी आपत्तियाँ रखने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जवाब माँगने के लिए प्रदर्शन किया। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित अनियमितताओं और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। इन आरोपों की पारदर्शी जाँच होनी चाहिए और चुनाव आयोग को तथ्यों के साथ देश की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वोट का अधिकार केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र में आम नागरिक की सबसे बड़ी ताकत है। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटता है या चुनावी प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत सामने आती है, तो उसकी निष्पक्ष जाँच और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना आवश्यक है। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनता के विश्वास से मजबूत होती है।
अमित रंजन तिवारी ने कहा कि भारत का इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब-जब जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों के सामने चुनौतियाँ आई हैं, तब-तब लोगों ने शांतिपूर्ण धरना, प्रदर्शन और सत्याग्रह के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की है। महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन तक, जनभागीदारी और शांतिपूर्ण विरोध ने देश के लोकतांत्रिक चरित्र को मजबूत किया है। आज भी शांतिपूर्ण विरोध को लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा मानते हुए उसका सम्मान किया जाना चाहिए। परंतु केंद्र सरकार द्वारा delhi पहुँचने वाले कई ट्रेन को रद्द किया जना मेट्रो station को बंद किया जना पत्रकारों को रिपोर्टिंग न करने देना और हिरासत मे लिया जाना यह दिखाता है कि केंद्र की भा•ज•पा• सरकार डर गई है सहमी हुई है|
उन्होंने दिल्ली में रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की खबरों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पत्रकार जनता तक सच्चाई पहुँचाने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। पत्रकारों को अपना काम करते समय अनावश्यक बाधाओं और भय का सामना नहीं करना चाहिए। यदि किसी पत्रकार को हिरासत में लिया जाता है, तो उसके स्पष्ट कानूनी आधार और परिस्थितियों की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने से मजबूत नहीं होता, बल्कि नागरिकों के अधिकारों, स्वतंत्र पत्रकारिता और संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करने से मजबूत होता है। सत्ता से सवाल पूछना जनता और पत्रकारों का अधिकार है और सवालों का जवाब देना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान, निष्पक्ष चुनाव और प्रेस की स्वतंत्रता जैसे मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है। लोकतंत्र में सवाल पूछना, जवाब माँगना और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों का अधिकार है। सरकार और संवैधानिक संस्थाओं को आलोचना का जवाब पारदर्शिता और तथ्यों के आधार पर देना चाहिए।
अमित रंजन तिवारी
महासचिव, जिला कांग्रेस कमेटी, गढ़वा, झारखंड

