“मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना”: नूरी मस्जिद में इंसानियत की मिसाल, कैंसर पीड़ित की पत्नी को दिया आर्थिक सहयोग

मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना हिंदी है हम वतन हिंदुस्ता हमारा इसी पंक्ति तो चरितार्थ करते हुए गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखा है मेराल के लोग।
कैंसर पीड़ित के पत्नी सुशीला देवी को नूरी मस्जिद कमिटी के सहयोग किया ।
मेराल के नूरी मस्जिद में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद इमाम हजरत मौलाना गुलाम यासीन साहब सहित नमाज अदा करने वाले सभी लोगों ने कैंसर पीड़ित हासनदाग गांव निवासी विजय चौधरी के पत्नी सुशीला देवी को इलाज के लिए आर्थिक सहयोग किया। इस संबंध में युवा समाज सेवी अतहर अली अंसारी, सदर मुख्तार अंसारी ने बताया कि विगत कुछ महीनों से हासनदाग गांव निवासी विजय चौधरी कैंसर की बीमारी से पीड़ित है जिसका इलाज रांची रिम्स में चल रहा है।इसके इलाज के लिए घर परिवार एवं उनके बच्चों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को जुम्मे की नमाज अदा करने के दौरान चरका पत्थर नूरी मस्जिद के प्रांगण में कैंसर पीड़ित के पत्नी सुशीला देवी पहुंची और मस्जिद के इमाम हजरत मौलाना गुलाम यासीन साहब को अपनी दुखड़ा सुनाई। इसके बाद इमाम ने नमाज अदा करने से पहले मेंबर शरीफ से खड़े होकर कैंसर पीड़ित विजय चौधरी के लिए लोगों से मदद के लिए ऐलान किया। नमाज अदा करने के बाद सभी लोगों ने कैंसर पीड़ित के पत्नी को मदद किया गया। साथ ही सुशीला देवी की अगले शुक्रवार को जुम्मे की नमाज पढ़ने वक्त बुलाया गया है। जो बेहतर इलाज के लिए और सहयोग किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व वीडिसी लतीफ अंसारी समाज सेवी रेयाज अंसारी मौलवी गुलाम मुस्तफा नेजाम अंसारी शहादत अंसारी नूरमोहम्मद अंसारी शरीफ अंसारी हमीद अंसारी सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।