गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने आरईओ के कार्यपालक अभियंता पर लगाए गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप
विधायक सत्येन्द्रनाथ ने आरईओं को कार्यपालक अभियंता पर लगाए गंभीर आरोप,
विभागीय सचिव से की शिकायत
भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे हुए हैं कार्यपालक अभियंता,
विधानसभा में उठेगा घटिया सड़क निर्माण का मामला
गढ़वा। भाजपा के गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने ग्रामीण कार्य विभाग (आरईओ) के कार्यपालक अभियंता पर गंभीर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। विधायक ने कहा है कि आरईओ के वर्तमान कार्यपालक अभियंता धर्मेन्द्र कुमार भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे हुए हैं और उनके कार्यकाल में बनी अधिकांश सड़कें निर्माण मानकों पर खरी नहीं उतरतीं। कार्यपाल अभियंता संवेदक के साथ मेल-मिलाप कर करोड़ों रूपए का धन उर्पाजन किया है। उन्होंने इस संबंध में विभाग के प्रधान सचिव उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि चिनियां प्रखंड के बिलैतीखैर गांव में आरईओ द्वारा कराई जा रही सड़क निर्माण योजना में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि यह सड़क निर्माण कार्य शुरू से ही तकनीकी मानकों की अनदेखी कर किया जा रहा है, जिसके कारण सड़क बनने के साथ ही खराब होने लगी है। विधायक के अनुसार, इस सड़क के खराब होने के पीछे तीन प्रमुख तकनीकी कारण हैं। विधायक ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि सड़क निर्माण में प्रयुक्त सामग्री (मटेरियल) सही ढंग से ग्रेडेड नहीं है, जिससे सड़क की मजबूती प्रभावित हो रही है। इसके अलावा सड़क में बिटुमिन की मात्रा अनुमानित मानक से काफी कम रखी गई है, जिसके कारण सड़क की सतह टिकाऊ नहीं बन पा रही है। तीसरा और सबसे गंभीर मामला सड़क की मोटाई से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि बीएम की मोटाई मात्र 30 मिमी रखी गई है, जबकि प्राक्कलन (एस्टीमेट) के अनुसार इसकी मोटाई कम से कम 50 मिमी होनी चाहिए थी। यानी निर्धारित मानक से लगभग 20 मिमी कम मोटाई में सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। विधायक ने कहा कि तकनीकी मानकों की इस तरह खुलेआम अनदेखी कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और जनता के साथ धोखा किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें विकास की बुनियादी आवश्यकता हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण आम लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। मामले को गंभीर बताते हुए विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने प्रधान सचिव से आग्रह किया है कि एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर पूरे सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। उन्होंने दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे इस मुद्दे को जन आंदोलन और विधानसभा दोनों में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि चह कार्यपाल अभियंता के खिलाफ जल्द ही वह ईडी के अधिकारियों को पत्र लिखकर पूरे मामलें की जानकारी देंगे। कार्यपाल अभियंता ने अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार की साी हदे को पार कर चुके है। वहीं दूसरी ओर से घटिया सड़क निर्माण कार्य के खिलाफ ग्रामीणों ने विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी के नेतृत्व में डीसी के अनुपस्थिति में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम को मांग पत्र सौंपा है। जिसमें पूरे मामलें की जांच कराने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में अमित कुमार प्रसाद, संतोष साह, उमेश कुमार, फागुनी राम, गंगा साव, उदय साव, डहरू साव, अरविंद साह, कृष्णा साह, बबलू साव, अजय यादव, अनुज साव सहित अन्य ग्रामीणों का नाम शामिल है।

