गादी श्रीरामपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट 10 दिनों में होगा चालू, डीसी ने दिए सख्त निर्देश
गिरिडीह। जिले में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से उपायुक्त रामनिवास यादव ने आज पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-2 के अंतर्गत संचालित गादी श्रीरामपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्लांट की मौजूदा स्थिति, जल शोधन से जुड़ी तकनीकी व्यवस्थाएँ, मशीनरी एवं उपकरणों तथा जलापूर्ति व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों व कर्मियों से विस्तृत जानकारी ली।
कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि यह योजना वर्ष 2018 से संचालित है और आसपास के कई पंचायतों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करती है। हालांकि अक्टूबर 2024 से कुछ तकनीकी कारणों से प्लांट का संचालन बाधित है। निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने प्लांट को शीघ्र पुनः चालू करने के कड़े निर्देश दिए और कहा कि खराब पड़े सभी पार्ट्स व उपकरणों की मरम्मत अथवा प्रतिस्थापन कराकर अधिकतम 10 दिनों के भीतर प्लांट को चालू करना सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि पेयजल आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इस प्रकार की योजनाओं का लंबे समय तक बंद रहना गंभीर विषय है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्लांट के संचालन, रख-रखाव और स्थायी समाधान पर विशेष ध्यान देने तथा तकनीकी बाधाओं का स्थायी निवारण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि योजना के बेहतर एवं सतत संचालन के लिए नई कार्यकारी एजेंसी के चयन हेतु री-टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी, जो लगभग एक वर्ष के लिए संचालन एवं रख-रखाव का कार्य सुनिश्चित करेगी।
उपायुक्त ने प्लांट के पुनः संचालन के बाद निरंतर तकनीकी मॉनिटरिंग, जल शोधन की गुणवत्ता तथा जलापूर्ति की निरंतरता पर भी खास निगरानी रखने का निर्देश दिया। किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या-2 के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी, अभियंता व कर्मी उपस्थित थे।

