गढ़वा कॉलेज में वोकेशनल कोर्स बंद होने पर छात्र मोर्चा का विरोध, प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन
एसएसजेएस नामधारी कॉलेज में वोकेशनल कोर्स बंद होने पर झारखंड छात्र मोर्चा का विरोध, प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन
श्री सदगुरु जगजीत सिंह नामधारी महाविद्यालय, गढ़वा में सत्र 2026-29 के लिए वोकेशनल पाठ्यक्रमों में इस सत्र मे नामांकन बंद किए जाने और चांसलर पोर्टल से B.Sc. (IT) को हटाए जाने के फैसले के खिलाफ झारखंड छात्र मोर्चा, गढ़वा ने कड़ा रुख अपनाया है। वर्ष 2008 से संचालित इन तकनीकी पाठ्यक्रमों से क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा का अवसर मिल रहा था, लेकिन इस सत्र से अचानक दाखिला बंद होने से विद्यार्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता का संकट मंडरा रहा है। छात्र संगठन के प्रतिनिधियों ने कॉलेज के प्राचार्य को मांग पत्र सौंपकर एक सप्ताह के भीतर स्थिति स्पष्ट करने और विश्वविद्यालय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर ठोस निर्णय लेने की मांग की है।
मांग पत्र सौंपने के दौरान झारखंड छात्र मोर्चा के जिला सचिव विकास चंद्रवंशी ने कड़े शब्दों में कहा, “गढ़वा जिले के इस एकमात्र सरकारी कॉलेज में वोकेशनल कोर्स बंद होना स्थानीय और गरीब विद्यार्थियों के तकनीकी शिक्षा के सपने पर सीधा हमला है। 2008 से लगातार चल रहे कोर्स को अचानक बंद करना और B.Sc. (IT) को चांसलर पोर्टल से हटाना छात्रों के साथ सरासर अन्याय है। प्राचार्य और विश्वविद्यालय प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि नामांकन बंद करने तथा इन कोर्स को IPS मेदिनीनगर स्थानांतरित करने का फैसला किस आधार पर लिया गया है।”
वहीं जिला कोषाध्यक्ष सूरज कुमार तिवारी ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि एक सप्ताह के अंदर विश्वविद्यालय से बातचीत कर नामांकन प्रक्रिया दोबारा शुरू नहीं की गई और चांसलर पोर्टल पर B.Sc. (IT) को बहाल नहीं किया गया, तो झारखंड छात्र मोर्चा खामोश नहीं बैठेगा। हम इस एकमात्र सरकारी संस्थान को बचाने के लिए सड़क पर उतरकर उग्र, लोकतांत्रिक एवं विधि-सम्मत आंदोलन करेंगे। जरूरत पड़ी तो इस गंभीर मामले को राज्य सरकार और उच्च अधिकारियों तक ले जाकर छात्रों के हक की लड़ाई लड़ी जाएगी।”
छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन से मांग की है कि B.Sc. (CAPP), B.Sc. (IT) और BBA में दाखिला रोकने का लिखित कारण सार्वजनिक किया जाए और यह भी स्पष्ट किया जाए कि इसमें स्थानीय स्तर पर प्राचार्य की सहमति थी या नहीं। संगठन ने साफ किया है कि गढ़वा के युवाओं को शिक्षा से वंचित नहीं होने दिया जाएगा और सत्र 2026-29 में नियमित शैक्षणिक व्यवस्था की बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा।

