कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा: कृषि विज्ञान केंद्र गुमला ने 25 किसानों के बीच वितरित किए पावर टिलर
कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा: कृषि विज्ञान केंद्र गुमला ने 25 किसानों के बीच वितरित किए पावर टिलर
गुमला। किसानों की कृषि उत्पादकता बढ़ाने और खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), गुमला द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई। विकास भारती, बिशुनपुर संचालित कृषि विज्ञान केंद्र ने अनुसूचित जनजाति उप-योजना (एसटीएसपी) के तहत कुमार समूह के 25 किसानों के बीच पावर टिलर का वितरण किया।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, गुमला के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बृजेश पांडे ने कहा कि गुमला जिले के अधिकांश किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं। ऐसे किसानों के लिए छोटे एवं बहुउद्देशीय कृषि यंत्र खेती को अधिक सरल, किफायती और लाभकारी बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृषि मजदूरों की कमी और बढ़ती मजदूरी दर किसानों के सामने बड़ी चुनौती है, जिसका प्रभावी समाधान कृषि यंत्रीकरण के माध्यम से ही संभव है।
डॉ. पांडे ने बताया कि पावर टिलर एक बहुउद्देशीय कृषि यंत्र है, जिसका उपयोग जुताई, मिट्टी पलटने, खरपतवार नियंत्रण, क्यारियां बनाने, अंतर-फसल प्रबंधन तथा कृषि उत्पादों के परिवहन जैसे विभिन्न कार्यों में किया जा सकता है। इसके उपयोग से किसानों का समय और श्रम दोनों बचते हैं, वहीं खेती की लागत में कमी आने के साथ कृषि कार्यों की गुणवत्ता एवं दक्षता भी बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि समय पर जुताई, बुवाई और रोपाई से फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होती है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलती है। कृषि यंत्रीकरण न केवल खेती को आसान बनाता है, बल्कि इसे अधिक टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी भी बनाता है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को पावर टिलर के सुरक्षित संचालन, नियमित रखरखाव, ईंधन की बचत तथा विभिन्न कृषि कार्यों में इसके प्रभावी उपयोग से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया गया। वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता से खेती के कार्यों में तेजी आएगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
किसानों को मिला आधुनिक खेती का संबल
कृषि विज्ञान केंद्र की इस पहल को जिले में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पावर टिलर वितरण से किसानों को खेती के कार्य समय पर पूरा करने में सुविधा मिलेगी और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

