सुर सम्राट मोहम्मद रफी के 44वीं पुण्यतिथि पर किया गया कार्यक्रम आयोजित

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सुर सम्राट मोहम्मद रफी के 44वीं पुण्यतिथि पर किया गया कार्यक्रम आयोजित

गढ़वा:– सुर सम्राट मोहम्मद रफी साहब की 44 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर सोनपुरवा स्थित सारेगामा म्यूज़िकल कारवां एवम् सारेगामा रिकॉर्डिंग स्टूडियो के तत्वाधान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन पर किया गया।

कार्यक्रम की शुरूवात मो. रफ़ी साहब के फ़ोटो पर समाज सेवी सह राजद प्रदेश महासचिव पंकज कुमार चौबे के साथ आयोजन कर्ता संस्था के निदेशक सह गायक उमेश विश्वकर्मा, संस्था के ऑर्गेनाइजर सह उद्घ घोषक अरुण कुमार पांडेय, भारतीय समाज पार्टी के नेता याकुब इकबाल, प्रभा विश्वकर्मा , राधा रावत के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
गीतों भरी कार्यक्रम की शुरुवात याकुब इकबाल के एकल गीत 1.दिल का सुना साज तराना ढूंढेगा, 2.जाने हम सड़क के लोगों से महलों वाले क्यूं जलते हैं । तत्पश्चात पंकज कुमार चौबे के द्वारा 1. क्या हुवा तेरा वादा को कसम वो इरादा 2. मुझे तेरी मुहब्बत का सहारा मिल गया होता। उमेश विश्वकर्मा ने एकल गीत 1. सौ बार जनम लेंगे सौ बार फना होंगे 2. तुझको पुकारे मेरा प्यार। विजय प्रताप देव 1.पत्थर के सनम तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना 2. कितना प्यारा वादा है इन मतवाली आंखों की। अरुण कुमार पांडेय एकल गीत 1.दूर रहकर न करो बात क़रीब आ जाओ 2. अरुण कुमार पांडेय प्रभा विश्वकर्मा( युगल गीत) लागी छूटे ना अब तो सनम चाहे जाय जिया तेरी कसम। उमेश विश्वकर्मा और प्रभा विश्वकर्मा (युगल गीत ) ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं हम क्या करें। 2.कैसे कोई जानें भला जीवन की ताबीर आकाश पे बैठा हुआ लिखता है ओ तक़दीर 3. ये दुनियां ये महफ़िल मेरे काम की नहीं। अरुण कुमार पांडेय और प्रभा विश्वकर्मा ने युगल गीत 1.एक तेरा साथ हमको दो जहां से प्यारा है 2. जनम जनम का साथ है तुम्हारा हमारा। विजय प्रताप देव 1. मस्त बहारों का मैं आशिक। याकुब इकबाल 1. तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है। इस कार्यक्रम में समाज सेवी सह निशुल्क कपड़ा बैंक के प्रोपराइटर शौकत खान,शशिकांत शर्मा, गढ़वा के मशहूर गायक कलाकार बसंत कुमार रवि, राधा रावत, सात्विक, लौकिक, मौलिक, आदित्य, रेयाद इत्यादि लोग उपस्थित थे।

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