महाशिवरात्रि की भक्ति और उल्लास की अनुपम छटा: सतबरवा में निकली भव्य शिव बारात

महाशिवरात्रि की भक्ति और उल्लास की अनुपम छटा: सतबरवा में निकली भव्य शिव बारात

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सतबरवा प्रखंड क्षेत्र में भगवान शिव की भव्य बारात निकालकर भक्तों ने आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। यह बारात राधा कृष्ण मंदिर से शुरू होकर पूरे क्षेत्र में भ्रमण करती हुई अंत में मेलाटाड़ पहुंची, जहां भक्ति का माहौल चरम पर था।

बारात में सैकड़ों महिलाएं, पुरुष, बच्चे और युवा शामिल हुए। कई भक्तों ने भूत-प्रेत, स्केलेटन (कंकाल) और अन्य आकर्षक वेशभूषा धारण की थी, जो शिव के गणों और भक्तों के रूप में नजर आए। बच्चे और युवा विशेष रूप से उत्साहित दिखे—वे हाथ उठाकर नाचते-गाते हुए *”हर-हर महादेव”, *”बम-बम भोले” के जोरदार जयकारे लगाते रहे। पूरा मार्ग भक्ति भजनों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों से गूंज उठा, जिसने वातावरण को दिव्य बना दिया।

बारात के दौरान भक्तों ने विभिन्न स्थानों पर भगवान शिव का *जलाभिषेक, **बेलपत्र, *धतूरा और अन्य सामग्री से पूजा-अर्चना की। उन्होंने परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति व कल्याण की प्रार्थना की।

मार्ग में *रामघाट, **महावीर चौक, *क्रांति चौक सहित कई प्रमुख स्थानों पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। हर ओर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के नारे गूंजते रहे।

इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। जोमिया पोखरी और बोधिता यादव जैसी कलाकारों की प्रस्तुति विशेष रूप से सराही गई। विभिन्न भजन मंडलियों और गायकों ने कीर्तन व भक्ति गीत प्रस्तुत किए, जिनमें *राजेश मिश्रा, **मुहम्मद प्रियंका राणा, **रवि प्रसाद, *रविंद्र कुशवाहा आदि प्रमुख रहे।

स्थानीय भक्तों ने बताया कि महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का प्रतीक है। यह पर्व सत्य की विजय, प्रेम की शक्ति और आध्यात्मिक जागरण का उत्सव है।

यह भव्य आयोजन सतबरवा के लोगों के लिए आस्था, एकता और उमंग का अनोखा प्रतीक बन गया। पूरे प्रखंड में महाशिवरात्रि की यह खुशी और भक्ति की लहर लंबे समय तक याद की जाएगी।