ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना ठप, मोटर जलने से 8 दिनों से 32 गांवों में पानी संकट

ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना ठप, मोटर जलने से 8 दिनों से 32 गांवों में पानी संकट

संवाददाता नीलांबर पीतांबरपुर।

नीलांबर पीतांबरपुर प्रखंड अंतर्गत लेस्लीगंज बहु ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना पिछले आठ दिनों से पूरी तरह ठप पड़ी है।गोपालगंज(जयनगर) स्थित नदी से मोटर के माध्यम से पानी उठाकर पूर्णाडीह, लेस्लीगंज और धनगांव स्थित तीन जलमीनारों (टंकियों) तक पहुंचाया जाता है, जहां से प्रखंड की पांच पंचायतों पूर्णाडीह, कोटखास, लेस्लीगंज, कुराईनपतरा एवं नौडीहा के कुल 32 गांवों में पेयजल आपूर्ति की जाती है।
जानकारी के अनुसार गोपालगंज(जयनगर) स्थित मोटर जल जाने के कारण जलापूर्ति पूरी तरह बंद है। योजना कोष में पर्याप्त राशि नहीं रहने से मोटर की मरम्मत अब तक नहीं हो सकी है। इससे जुड़े 32 गांवों के ग्रामीणों को पेयजल के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जलकर वसूली नहीं होने से संकट
बताया गया है कि योजना का संचालन पूरी तरह जलकर वसूली पर निर्भर है। इसी राशि से कर्मियों का मानदेय एवं रख-रखाव (मेंटेनेंस) कार्य होता है। लेकिन ग्रामीणों के असहयोग के कारण जलकर वसूली प्रभावित है। विशेष रूप से लेस्लीगंज पंचायत में पिछले लगभग चार महीनों से जलकर संग्रहण पूरी तरह बंद है।
सूत्रों के अनुसार जलसाहिया के कार्य में बाधा और कुछ ग्रामीणों की मुफ्त लाभ लेने की प्रवृत्ति के कारण योजना की आर्थिक स्थिति बदतर हो गई है। बिना संकोच कहा जा रहा है कि लेस्लीगंज पंचायत के असहयोग के कारण योजना की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। हालांकि अन्य चार पंचायतों में भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है।
विभाग और जनप्रतिनिधि भी लाचार
इस संबंध में पेयजल विभाग एवं योजना से जुड़े सभी मुखिया गण को सूचना दी जा चुकी है, लेकिन वित्तीय संकट के कारण ठोस पहल नहीं हो पा रही है। स्थानीय स्तर पर यह माना जा रहा है कि जब तक जलकर की नियमित वसूली सुनिश्चित नहीं होगी और जनता का पूर्ण सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक योजना का सुचारू संचालन संभव नहीं है।
ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय पदाधिकारियों के रवैये पर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर तत्परता दिखाई जाती तो मोटर मरम्मत कर आपूर्ति बहाल की जा सकती थी।
समाधान की जरूरत
पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के ठप होने से लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शीघ्र ही मोटर की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल की जाए तथा जलकर वसूली के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।