विश्व पर्यावरण दिवस पर नगर वन में भव्य समारोह, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने किया वृक्षारोपण
गिरिडीह। पूर्वी वन प्रमंडल के निर्देश पर वन क्षेत्र पदाधिकारी, गिरिडीह वन प्रक्षेत्र के नेतृत्व में आज कल्याणडीह स्थित नगर वन में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक भव्य समारोह और वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। गिरिडीह नगर निगम की महापौर प्रमिला मेहरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में तेलोडीह मुखिया शब्बीर अंसारी, वार्ड सदस्य लालो राइन व पार्षद अनिल गुप्ता सहित कई स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीण मौजूद रहे।
समारोह की शुरुआत सभी उपस्थित अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन से की गई। उसके बाद पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। महापौर प्रमिला मेहरा ने उपस्थित नागरिकों से अनुरोध किया कि वे जन्मदिन या वर्षगाँठ जैसे शुभ अवसरों पर एक-एक पेड़ अवश्य लगवाएँ, ताकि हर व्यक्ति अपनी प्रसन्नता को पर्यावरण हितैषी गतिविधि से जोड़े।
तेलोडीह मुखिया शब्बीर अंसारी ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष कम से कम दस पेड़ लगाने का संकल्प लेना चाहिए। वार्ड सदस्य अनिल गुप्ता ने सलाह दी कि यदि किसी के पास निजी जमीन नहीं है तो सड़क, नदी, तालाब अथवा खेतों के किनारे भी पेड़ लगाए जा सकते हैं, ताकि हर जगह हरियाली बढ़ सके।
वन क्षेत्र पदाधिकारी एस. के. रवि ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमें यह सोचने की आवश्यकता है कि प्रकृति ने हमें क्या दिया और हम प्रकृति को क्या दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां प्रकृति ने हमें शुद्ध वायु और स्वच्छ जल उपलब्ध कराया है, वहीं हमने प्रदूषण फैलाकर और वनों का ह्रास करके आने वाली पीढ़ियों के लिए कठिन परिस्थितियाँ पैदा कर दी हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अतिथियों व ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से वृक्षारोपण किया और पेड़ों के संरक्षण की शपथ ली। कार्यक्रम में प्रभारी वनपाल अमर विश्वकर्मा, रोहित कुमार, प्रधान वनरक्षक संजय कांत यादव, सुरुचि कुमारी, शिवनारायण महतो, अन्नू सोरेन, दीपक महतो, अशोक कुमार, विष्णु किस्कू, रामदेव मरांडी, दिवाकर तांती, सूर्यकांत, बीरेंद्र कुमार सहित वन विभाग के अनेक कर्मचारी उपस्थित थे।
वन विभाग ने बताया कि यह पहल स्थानीय पर्यावरण को सुदृढ़ करने तथा नागरिकों में वृक्षारोपण की आदत विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

