विश्व पर्यावरण दिवस पर महापौर अरुणा शंकर ने दिया हरित भविष्य का संदेश

पेड़ लगाना सुंदर कल का प्रतीक… अरुणा शंकर

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मेदिनीनगर नगर निगम की महापौर अरुणा शंकर ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शहर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से प्रकृति के संरक्षण और अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए आगे आने का आह्वान किया।

दिन की शुरुआत भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से हुई, जहां मेदिनीनगर स्थित गांधी उद्यान पार्क में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महापौर अरुणा शंकर ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ जीवन का आधार भी हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो पर्यावरण संतुलन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस अवसर पर पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम, भाजपा जिला अध्यक्ष अमित तिवारी सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

महापौर ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण जैसी चुनौतियों का सामना पूरी दुनिया कर रही है। ऐसे में समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है कि वह पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से विशेष रूप से इस अभियान से जुड़ने की अपील की और कहा कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

इसके उपरांत महापौर अरुणा शंकर ने सामाजिक संस्था “सेसा” द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण तथा हरित विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। अपने संबोधन में महापौर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इसके लिए सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों की भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संस्था द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं।

इसके बाद महापौर मेदिनीनगर वन प्रमंडल द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस समारोह में भी शामिल हुईं। कार्यक्रम में वन संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और हरित क्षेत्र के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण मानव जीवन की निरंतरता के लिए अनिवार्य है। वन और वृक्ष पृथ्वी के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए इनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

महापौर अरुणा शंकर ने कहा कि मेदिनीनगर को स्वच्छ, सुंदर और हरित शहर बनाने के लिए नगर निगम लगातार प्रयासरत है। वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और पर्यावरणीय जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को याद दिलाने का अवसर है। यदि हम आज पर्यावरण की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध भविष्य मिल सकेगा।

उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने घर, मोहल्ले, विद्यालय, कार्यालय और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक पौधे लगाएं तथा उनके संरक्षण का भी संकल्प लें। पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देकर ही स्वच्छ और हरित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों में महापौर अरुणा शंकर की सक्रिय सहभागिता ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को एक बार फिर स्पष्ट किया। उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से लोगों को प्रकृति के साथ संतुलित जीवन शैली अपनाने और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने का आह्वान किया।

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