सीएम–सांसद–मंत्री–विधायक के दौरों के बाद भी 20 साल से बदहाल करम खाड़–सिरसी नेतरहाट रोड, मौत के रास्ते चलने को मजबूर ग्रामीण; एंबुलेंस बेबस, पर्यटन नगरी नेतरहाट उपेक्षित
महुआडांड़ पर्यटन के नक्शे पर देशभर में पहचान रखने वाली नेतरहाट पंचायत आज बुनियादी सुविधाओं की बदहाली काजीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। पंचायत के अंतर्गत आने वाली करम खाड़–सिरसी नेतरहाट रोड की हालत पिछले करीब दो दशकों से दयनीय बनी हुई है। सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और कई स्थानों पर नुकीले पत्थर बाहर निकल आए हैं, जिससे इस मार्ग पर चलना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा हो गया है।ग्रामीणों का कहना है कि इसी सड़क से उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी जुड़ी है, लेकिन अब यह रास्ता “मौत का रास्ता” बन चुका है। सबसे ज्यादा परेशानी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है। एंबुलेंस इस सड़क पर पहुंच ही नहीं पाती और यदि किसी तरह पहुंचती भी है तो आधे रास्ते में पलटने या दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। कई बार गंभीर मरीजों को खाट या निजी साधनों से ले जाना पड़ा, जिससे हालात और भयावह हो जाते हैं। हैरत की बात यह है कि नेतरहाट पंचायत का दौरा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कई सांसद, मंत्री, विधायक और लातेहार जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी कई बार दौरा कर चुके हैं। इसके बावजूद करम खाड़–सिरसी नेतरहाट रोड के निर्माण या मरम्मत को लेकर अब तक कोई ठोस निर्णय जमीन पर नहीं उतरा है, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नेतरहाट एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां हर साल हजारों पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन सड़क की जर्जर हालत से पर्यटन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण की मांग की है, ताकि जानलेवा सफर से निजात मिले, एंबुलेंस सेवा सुचारू हो और नेतरहाट पंचायत का विकास फिर से रफ्तार पकड़ सके।

