राहुल गांधी के 22 वर्षों के राजनीतिक संघर्ष और जनसेवा पर आयोजित सेमिनार में हृदयानंद मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल

राहुल गांधी के 22 वर्षों के राजनीतिक संघर्ष और जनसेवा पर आयोजित सेमिनार में हृदयानंद मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल

स्वागताध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक ने कहा— राहुल गांधी ने भारतीय राजनीति को जनसंवाद, संवेदनशीलता और लोकतांत्रिक मूल्यों की नई दिशा दी

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के शिक्षा विभाग द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 22 वर्षों के राजनीतिक जीवन, संघर्ष, जनसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर एक विचार गोष्ठी एवं सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ तीनो अतिथियों झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्य हृदयानंद मिश्रा, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रदेश कांग्रेस के राज्य सचिव जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी शिक्षा विभाग के अध्यक्ष श्याम नारायण सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन सेमिनार का उद्घाटन किया एवं केक काटकर जननायक जन-जन के नेता राहुल गांधी जी का जन्मदिन मनाया गया ।कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष एवं पलामू जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सह झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य सचिव जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक ने अतिथियों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित बुद्धिजीवियों का स्वागत किया
कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी शिक्षा विभाग के चेयरमैन श्याम नारायण सिंह ने की, जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता, अधिवक्ता एवं सदस्य कोऑर्डिनेशन कमिटी झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी हृदयानंद मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर राहुल गांधी के राजनीतिक जीवन, जनसंघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष एवं पलामू जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सह झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य सचिव जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक ने अतिथियों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित बुद्धिजीवियों का स्वागत करते हुए कहा कि राहुल गांधी का राजनीतिक जीवन संघर्ष, साहस और जनसरोकारों के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है।

मुख्य अतिथि हृदयानंद मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि राहुल गांधी के 22 वर्षों का राजनीतिक सफर भारतीय लोकतंत्र में जनभागीदारी, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक न्याय के लिए निरंतर संघर्ष की प्रेरणादायी गाथा है। उन्होंने कहा कि जब-जब लोकतांत्रिक संस्थाओं, सामाजिक समरसता और संविधान के मूल सिद्धांतों पर प्रश्नचिह्न खड़े हुए, राहुल गांधी ने निर्भीकता से अपनी बात रखी और जनता के बीच जाकर संवाद स्थापित किया।
उन्होंने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा ने राजनीति को सत्ता की सीमाओं से बाहर निकालकर जनता के दुख-दर्द से जोड़ने का कार्य किया है। यह यात्रा केवल राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि देश की आत्मा को जोड़ने का राष्ट्रीय प्रयास था।

*स्वागताध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टू पाठक ने कहा—
“राहुल गांधी ने अपने राजनीतिक जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना किया, लेकिन कभी भी अपने वैचारिक सिद्धांतों और लोकतांत्रिक प्रतिबद्धताओं से समझौता नहीं किया।”
“उनकी राजनीति का केंद्र हमेशा आम आदमी, गरीब, किसान, युवा और समाज के अंतिम व्यक्ति का हित रहा है।”
“देशभर में की गई उनकी पदयात्राओं ने राजनीति को जनता के द्वार तक पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य किया है।”
“कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए राहुल गांधी का संघर्ष, धैर्य और जनसमर्पण प्रेरणा का स्रोत है।

अध्यक्षीय संबोधन में श्याम नारायण सिंह ने कहा—
“राहुल गांधी का 22 वर्षों का राजनीतिक जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।”
कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेसजनों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं युवाओं ने राहुल गांधी के राजनीतिक जीवन और उनके योगदान पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए तथा उनके संघर्षपूर्ण सार्वजनिक जीवन को लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर समीम अहमद राईन, विद्या सिंह चेरो, राजकुमार सिंह, अलक निरंजन चौबे, गिरजा राम, पंकज श्रीवास्तव, शैलेश चंद्रवंशी, देवांग शुक्ला, सौरभ पांडेय, उमेश यादव, रंजीत सिंह, गोपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, चतुर उरांव, खुर्शीद आलम, विनोद पाठक, सच्चिदानंद मिश्रा, दीपमाला देवी, सुमन तिर्की, उषा देवी, परवाज आलम, सुरेंद्र शुक्ला, अमिताभ शर्मा, सुधीर सिंह, शिव शंकर, विमला कुमारी, हीरवार पांडे, अवधेश सिंह, मनोज अग्रवाल, मनोज चंद्रवंशी, कुलदीप सिंह चेरो, श्याम देव मेहता, रविंद्र चौबे, सुनीता देवी, स्वेता कुमारी, बेबी कुमारी, मनीषा कुमारी, रीना कुमारी, ममता कुमारी एवं धनमोनिया कुंवर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता तथा सैकड़ों महिला एवं पुरुष उपस्थित थे।