पलामू में विश्व हिंदू परिषद ने मनाई महर्षि वाल्मीकि जयंती, सेवा बस्ती में हुआ समारोह

विश्व हिंदू परिषद के द्वारा आज बाल्मीकि जयंती समारोह पूर्वक आयोजित किया गया : विहिप पलामू।

          आज बाल्मीकि जयंती के शुभ अवसर पर विश्व हिंदू परिषद,  समरसता आयाम,  पलामू के द्वारा पलामू क्लब के सामने स्थित सेवा बस्ती में वाल्मीकि जयंती समारोह पूर्वक आयोजित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अमित तिवारी ने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार, महर्षि वाल्मीकि अपने पूर्व जीवन में रत्नाकर नाम के एक डाकू हुआ करते थे।नारद मुनि या सप्तर्षियों की प्रेरणा से जब वे राम नाम का सीधा उच्चारण नहीं कर पाए,   तो उन्हें ‘मरा-मरा’ जपने के लिए कहा गया। निरंतर ‘मरा-मरा’ का जप करते-करते वह शब्द स्वतः ‘राम-राम’ में बदल गया।   इस सच्ची साधना और पश्चाताप के कारण रत्नाकर एक महान महर्षि बन गए और उन्होंने आदिकाब्य ‘रामायण’ की रचना की।

          समरसता प्रमुख पप्पू लाठ न बताया कि सच्ची भक्ति,  तपस्या और ज्ञान के प्रभाव से रत्नाकर से वे महर्षि वाल्मीकि बने और उनका आध्यात्मिक ज्ञान सर्वोच्च स्तर पर पहुंच कर उन्हें ब्रह्म के समान बना दिया।
समरसता सह प्रमुख रवि तिवारी ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि के जीवनी से यह शिक्षा प्राप्त हुई कि  ईश्वर के नाम का प्रभाव इतना पवित्र है कि किसी भी रूप में जप करने से मनुष्य के पाप धुल जाते हैं।  महर्षि वाल्मीकि के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर उनका पूजा पाठ किया गया और प्रसाद वितरण के साथ।कार्यक्रम संपन्न हुआ।   

        आज के समारोह में विश्व हिंदू परिषद जिला मंत्री अमित तिवारी,  बजरंग दल संयोजक संदीप प्रसाद गुप्ता,  समरसता प्रमुख पप्पू लाठ,   सह प्रमुख रवि तिवारी,   सेवा प्रमुख गोपाल तिवारी,  प्रचार प्रसार प्रमुख सुरेश वर्मा और सेवा बस्ती से पूजा कुमारी,   रेणु देवी,  मनमती  देवी,  शांति देवी,   रेशम देवी,  सोनी देवी,  रसीला देवी,  पुष्पा देवी और आरती देवी सहित अनेकों सनातन धर्मावलम्बियों की सहभागिता रही।