अभिजीत कमल ने केंद्र सरकार से पूछे सवाल, चीन सीमा और मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर मांगा जवाब

अरुणाचल में चीन के साथ सैन्य टकराव जारी, मतदाता सूची में गड़बड़ियों पर जाँच के आदेश—लेकिन प्रधानमंत्री के लिए ढोल-नगाड़े और एयर शो ज्यादा महत्वपूर्ण क्यों? : अभिजीत कमल

दिनांक: 26 अक्टूबर 2026 | गढ़वा, झारखंड

देश की सीमाओं की सुरक्षा, लोकतंत्र की विश्वसनीयता और जनता के आर्थिक भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों पर केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए। लेकिन देश को इन सवालों के स्पष्ट जवाब देने के बजाय भव्य आयोजनों और राजनीतिक प्रचार की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं।

सबसे गंभीर सवाल अरुणाचल प्रदेश की सीमा से जुड़ा है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने 23 अक्टूबर को सार्वजनिक रूप से कहा कि अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच टकराव जुलाई से जारी है। यह कोई विपक्ष का मनगढ़ंत बयान नहीं, बल्कि सीमा की जिम्मेदारी संभालने वाले बल के प्रमुख का सार्वजनिक वक्तव्य है।
इसके बावजूद देश यह जानना चाहता है कि सीमा पर वास्तविक स्थिति क्या है, भारतीय सैनिकों की पारंपरिक गश्त पर क्या प्रभाव पड़ा है और सरकार इस चुनौती का समाधान किस समय-सीमा में करेगी।

दूसरी ओर, 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो देखने पहुँचे। उनके स्वागत में ढोल-नगाड़े, डमरू, पुष्पवर्षा और रोड शो आयोजित किए गए। भारतीय वायुसेना का प्रदर्शन देश के लिए गर्व का विषय है, लेकिन राष्ट्रीय गौरव और किसी राजनीतिक नेतृत्व के प्रचार के बीच अंतर होना चाहिए।
सवाल यह है कि जब सीमा पर सैन्य टकराव की खबरें आ रही हैं, तब सरकार देश को स्थिति की स्पष्ट जानकारी और जवाबदेही देने के लिए उतनी ही तत्पर क्यों नहीं दिखाई देती?

चुनाव आयोग और लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर भी जवाब चाहिए

उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधित करने की प्रक्रिया में गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने 26 अक्टूबर को सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में संबंधित प्रविष्टियों की जाँच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई करने की बात भी कही है।

जब मतदाता सूची जैसी लोकतंत्र की बुनियादी व्यवस्था में जाँच की जरूरत सामने आती है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि गलतियों के लिए जिम्मेदार कौन है और जिन नागरिकों के नाम गलत तरीके से हटाए गए या दर्ज नहीं हुए, उन्हें न्याय कैसे मिलेगा।

प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से सीधे सवाल

  1. चीन सीमा पर क्या स्थिति है?
    जब ITBP के महानिदेशक स्वयं कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच जारी टकराव की बात कह चुके हैं, तो सरकार वास्तविक स्थिति, गश्त की व्यवस्था और उठाए गए कदमों पर संसद तथा देश को स्पष्ट जानकारी कब देगी?
  2. गृह और रक्षा मंत्रालय की जवाबदेही क्या है?
    सीमा पर तनाव की स्थिति में दोनों मंत्रालयों की समन्वित कार्ययोजना क्या है? देश जानना चाहता है कि सीमा सुरक्षा, सैनिकों की तैनाती और रणनीतिक तैयारी की नियमित समीक्षा कैसे हो रही है।
  3. ITBP जवानों की तैनाती पर स्पष्टीकरण कब मिलेगा?
    ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि सीमा की जिम्मेदारी निभाने वाले ITBP जवानों को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की तैनाती के लिए भेजा गया है। सरकार स्पष्ट करे कि क्या ऐसा कोई पुनर्तैनाती आदेश जारी हुआ, कितने जवान प्रभावित हुए और क्या इससे सीमा पर उनकी जिम्मेदारियों पर कोई असर पड़ा। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
  4. SIR में गड़बड़ियों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
    चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची की प्रविष्टियों की जाँच के निर्देश दिए हैं। अब तक कितनी अनियमितताएँ प्रमाणित हुईं, कितने मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी?
  5. प्रधानमंत्री जी, प्राथमिकताएँ क्या हैं?
    क्या सरकार भव्य आयोजनों के साथ-साथ सीमा सुरक्षा, लोकतंत्र की विश्वसनीयता, रोजगार और महँगाई जैसे मुद्दों पर भी उतनी ही तत्परता से जवाब देगी? देश को केवल कार्यक्रमों की भव्यता नहीं, शासन के ठोस परिणाम चाहिए।

हमारा स्पष्ट मत

भारतीय वायुसेना का सम्मान सर्वोपरि है। हमारे ITBP जवानों और सेना के सैनिकों का साहस देश की ताकत है। लेकिन सैनिकों के सम्मान का अर्थ यह भी है कि उनकी सीमा संबंधी चुनौतियों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में तथ्यात्मक जानकारी दी जाए।

इसी तरह, मतदाता सूची की शुद्धता किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार का प्रश्न है। किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटना या किसी अपात्र प्रविष्टि का बने रहना जाँच और सुधार की माँग करता है।

प्रधानमंत्री जी, देश को जवाब चाहिए—सीमा पर क्या हो रहा है, मतदाता सूची में गड़बड़ियों के लिए कौन जिम्मेदार है और सरकार इन समस्याओं को हल करने के लिए क्या कर रही है?

देश की सुरक्षा और लोकतंत्र की विश्वसनीयता किसी भी राजनीतिक प्रचार से बड़ी है। केंद्र सरकार को तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए, जिम्मेदारी तय करनी चाहिए और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।

जारीकर्ता:
अभिजीत कमल
प्रदेश प्रतिनिधि
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी