पांकी के हेड़ुम के जंगल में वज्रपात का कहर, तीन मवेशियों की दर्दनाक मौत
पांकी के हेड़ुम के जंगल में वज्रपात का कहर, तीन मवेशियों की दर्दनाक मौत
पांकी प्रखंड के हेड़ुम गांव में आकाशीय बिजली गिरने से तीन पशुओं की जान चली गई है। घटना के बाद से भुक्तभोगी महारंग यादव एवं संतोष यादव का परिवार सदमे में है और आर्थिक क्षति को लेकर चिंतित हैं।
पशुओं के घर न लौटने पर हुई खोजबीन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हर दिन की तरह मवेशी जंगल में चरने के लिए गए थे। शाम होने के बाद जब अन्य पशु वापस आ गए, लेकिन ये तीन मवेशी घर नहीं लौटे, तो दोनों किसानों की चिंता बढ़ गई। ने देर रात तक आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की, लेकिन अंधेरा अधिक होने के कारण कुछ पता नहीं चल सका।
दूसरे दिन जंगल में मिले शव
अगले दिन सुबह जब ग्रामीण जंगल की ओर खोजबीन करने निकले, तो उन्होंने देखा कि तीनों मवेशी एक स्थान पर मृत पड़े हुए थे। मवेशियों के शरीर पर झुलसने के निशान पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उनकी मौत तेज वज्रपात की चपेट में आने से हुई है।
मामले की जानकारी देते हुए समाजसेवी उमेश यादव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन ही जीविकोपार्जन का मुख्य साधन होता है ऐसे में हुई इस बड़ी छती से पीड़ित किसानों को सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा की मांग प्रशासन से की है ताकि उन्हें इस संकट की घड़ी में कुछ राहत मिल सके।

