*पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, मरीजों में आक्रोश
*पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, मरीजों में आक्रोश
पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल में प्रसव कराने आई महिलाओं और उनके परिजनों से अवैध रूप से पैसे मांगने का आरोप लगाया गया है। सरकारी अस्पताल में जहां निःशुल्क प्रसव सेवा उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है, वहीं पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में “पहले पैसा, फिर इलाज” का खेल चलने की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि प्रसव कराने के नाम पर अस्पताल कर्मियों द्वारा अलग-अलग तरीके से पैसे की मांग की जाती है। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर मरीजों को देर रात 2-3 बजे रेफर करने का डर दिखाया जाता है। परिजनों को कहा जाता है कि मरीज की स्थिति गंभीर है, यहां डिलिवरी संभव नहीं है और तुरंत बड़े अस्पताल ले जाना पड़ेगा। ग्रामीण और गरीब परिवार डर के कारण दबाव में आ जाते हैं और किसी तरह पैसे की व्यवस्था करने लगते हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि जिन मरीजों को पहले गंभीर बताकर रेफर करने की बात कही जाती है, उन्हीं मरीजों का पैसा मिलने के बाद उसी अस्पताल में सामान्य प्रसव करा लिया जाता है। इससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि मरीजों और उनके परिजनों के भय एवं मजबूरी का फायदा उठाकर अवैध वसूली की जा रही है।
मामले की सच्चाई जानने के लिए अस्पताल के वार्ड में जाकर अन्य मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की गई। कई लोगों ने बताया कि लगभग सभी मरीजों से किसी न किसी रूप में पैसे लिए गए हैं। कुछ लोगों ने कहा कि बिना पैसे दिए अस्पताल में सही तरीके से देखभाल नहीं की जाती और मरीजों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में यह व्यवस्था लंबे समय से चल रही है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। डर और सामाजिक दबाव के कारण कई परिवार खुलकर सामने नहीं आते, जिसका फायदा कुछ कर्मी उठा रहे हैं।
सरकार द्वारा जननी सुरक्षा योजना सहित कई योजनाओं के माध्यम से गरीब महिलाओं को निःशुल्क प्रसव सुविधा देने का प्रावधान किया गया है। इसके बावजूद यदि सरकारी अस्पतालों में प्रसव के नाम पर अवैध वसूली हो रही है, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधि सुनील कुमार चौहान एवं प्रसव पीड़ित के परिजनों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर मामले की उच्चस्तरीय जांच, अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की जांच तथा दोषी कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में भी गरीबों से पैसे वसूले जाएंगे, तो आम जनता का भरोसा पूरी व्यवस्था से उठ जाएगा।
अब लोगों की नजर प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग तथा जिला अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि मामले में केवल जांच का आश्वासन दिया जाएगा या वास्तव में दोषियों पर कार्रवाई होगी।

