मेराल प्रखंड के हासनदाग गांव निवासी अखिलेश चौबे उर्फ रिंकू एवं शिवकुमार चौधरी का झारखंड सरकार द्वारा सहायक आचार्य के रूप में नियुक्ति पत्र मिलने पर कई लोगों ने बधाई दिया। झारखंड सरकार के रजत जयंती के अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री द्वारा शुक्रवार को कई विभागों के मिलाकर लगभग 10000 लोगों को नियुक्ति पत्र ऐतिहासिक मोराबादी मैदान में दिया गया। जिसमें हासनदाग मध्य विद्यालय के पारा टीचर अखिलेश चौबे एवं शिवकुमार चौधरी को भी सहायक आचार्य के रूप में नियुक्ति पत्र मिला। दोनों शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिलते ही उनके घर पर जा कर तथा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों ने बधाई दिया। बधाई देने वालों में मुखिया फुलमंती देवी प्रतिनिधि हरेंद्र चौधरी बीडीसी नंदू चौधरी उप मुखिया अविनाश चौबे पूर्व बीडीसी सुदर्शन विश्वकर्मा सेवानिवृत शिक्षक सुरेंद्र चौबे मुन्ना चौबे रंजीत चौबे प्रणय चौबे कमलेश राम विनय चौधरी दीपक चौबे मनोहर मुकुंद द्वारिका चौधरी आदि अनेकों लोग शामिल हैं। पंचायत के बीडीसी नंदू चौधरी ने कहा कि दोनों सहायक शिक्षक मध्य विद्यालय में भी रहते हुए छात्र-छात्राओं के प्रति जवाब देह थे और विद्यालय में पठन-पाठन का स्तर में सुधार लाए थे वैसे ही दोनों जहां भी रहे गांव समाज प्रखंड का नाम रोशन करते रहे।

मेराल से विवेकानंमेराल से विवेकानंद चौबे का रिपोर्टद चौबे का रिपोर्ट

मेराल प्रखंड के हासनदाग गांव निवासी अखिलेश चौबे उर्फ रिंकू एवं शिवकुमार चौधरी का झारखंड सरकार द्वारा सहायक आचार्य के रूप में नियुक्ति पत्र मिलने पर कई लोगों ने बधाई दिया। झारखंड सरकार के रजत जयंती के अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री द्वारा शुक्रवार को कई विभागों के मिलाकर लगभग 10000 लोगों को नियुक्ति पत्र ऐतिहासिक मोराबादी मैदान में दिया गया। जिसमें हासनदाग मध्य विद्यालय के पारा टीचर अखिलेश चौबे एवं शिवकुमार चौधरी को भी सहायक आचार्य के रूप में नियुक्ति पत्र मिला। दोनों शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिलते ही उनके घर पर जा कर तथा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों ने बधाई दिया। बधाई देने वालों में मुखिया फुलमंती देवी प्रतिनिधि हरेंद्र चौधरी बीडीसी नंदू चौधरी उप मुखिया अविनाश चौबे पूर्व बीडीसी सुदर्शन विश्वकर्मा सेवानिवृत शिक्षक सुरेंद्र चौबे मुन्ना चौबे रंजीत चौबे प्रणय चौबे कमलेश राम विनय चौधरी दीपक चौबे मनोहर मुकुंद द्वारिका चौधरी आदि अनेकों लोग शामिल हैं। पंचायत के बीडीसी नंदू चौधरी ने कहा कि दोनों सहायक शिक्षक मध्य विद्यालय में भी रहते हुए छात्र-छात्राओं के प्रति जवाब देह थे और विद्यालय में पठन-पाठन का स्तर में सुधार लाए थे वैसे ही दोनों जहां भी रहे गांव समाज प्रखंड का नाम रोशन करते रहे।