मॉडर्न पब्लिक स्कूल में “स्वस्थ बालिका, सशक्त कल” विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित
मॉडर्न पब्लिक स्कूल में “स्वस्थ बालिका, सशक्त कल” विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित
प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी काजल ने छात्राओं को दिए स्वच्छता और बेहतर स्वास्थ्य के टिप्स
झुमरी तिलैया, कोडरमा | 11 मई 2026:
मॉडर्न पब्लिक स्कूल, झुमरी तिलैया के सभागार में आज बालिकाओं के सर्वांगीण विकास और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से “स्वस्थ बालिका, सशक्त कल” विषय पर एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शहर की जानी-मानी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी काजल उपस्थित रहीं, जिन्होंने कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं का मार्गदर्शन किया।
सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. शिल्पी काजल ने किशोरावस्था के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल और शारीरिक परिवर्तनों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने विशेष रूप से मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene), संतुलित आहार की आवश्यकता और आयरन की कमी (एनीमिया) से बचाव के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. काजल ने व्यक्तिगत साफ-सफाई के महत्व को रेखांकित करते हुए छात्राओं को आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित किया।
माहवारी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों पर प्रहार करते हुए डॉ. काजल ने कहा, “माहवारी शर्म का विषय नहीं, बल्कि एक सामान्य जैविक प्रक्रिया और गर्व का विषय है। स्वच्छता और सही जानकारी हर बालिका का मौलिक अधिकार है। जब आप शिक्षित और स्वस्थ होंगी, तभी एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है।” उन्होंने छात्राओं को पुरानी परंपराओं के पीछे छिपे अंधविश्वासों को छोड़कर वैज्ञानिक आदतों को अपनाने की सलाह दी।
इस सत्र की सबसे खास बात छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं और महिला शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया। प्रश्नोत्तर सत्र (Q&A Session) के दौरान छात्राओं ने किशोरावस्था से जुड़ी अपनी समस्याओं और स्वास्थ्य संबंधी शंकाओं पर खुलकर डॉ. काजल से बातचीत की, जिसका उन्होंने बहुत ही सरल और प्रभावी ढंग से समाधान किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य जी. सी. वर्मा ने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किशोरावस्था में बालिकाओं को सही परामर्श मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विद्यालय का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को एक ऐसा वातावरण देना है जहाँ वे बिना किसी झिझक के अपने स्वास्थ्य और शारीरिक परिवर्तनों पर चर्चा कर सकें। विद्यालय समय-समय पर ऐसे सत्र आयोजित कर छात्राओं के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
विद्यालय की निदेशिका ने अपने संबोधन में कहा, “हम स्कूल की छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर समर्पित हैं। हमारा मानना है कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के बिना व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास संभव नहीं है। विद्यालय प्रबंधन सदैव इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है और भविष्य में भी बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।”

