खण्डोली वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के मजदूरों का अल्टीमेटम, 7 दिन में मांगे नहीं मानीं तो ठप होगी जलापूर्ति
खण्डोली वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के मजदूरों का अल्टीमेटम, 7 दिन में मांगे नहीं मानीं तो ठप होगी जलापूर्ति
गिरिडीह। खण्डोली वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में कार्यरत करीब 85 मजदूरों ने अपने हक और अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। मजदूरों का कहना है कि संवेदक श्री सांई कंस्ट्रक्शन उन्हें न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, बीमा, सुरक्षा किट और समय-समय पर वेतन वृद्धि जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं दे रहा है। मजदूरों ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है। लंबे समय से इस मुद्दे पर आवाज उठाई जा रही है, लेकिन संवेदक और प्रशासन—दोनों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई। यहां तक कि यह मामला नगर आयुक्त और उपायुक्त के स्तर पर भी उठ चुका है, और विधानसभा में तत्कालीन विधायक सरफराज अहमद ने भी मजदूरों की व्यथा पर सवाल उठाया था। फिर भी आज तक समाधान नहीं निकला। अब मजदूरों ने चेतावनी दी है कि अगर अगले 7 दिनों में उनकी मांगे पूरी नहीं की गईं, तो वे 23 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। इस आंदोलन में कार्य बहिष्कार, पुतला दहन, धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन तक का कार्यक्रम शामिल होगा। इसे लेकर मजदूरों ने साफ कहा है कि अगर जलापूर्ति ठप होती है, तो इसकी जिम्मेदारी श्री सांई कंस्ट्रक्शन और स्थानीय प्रशासन की होगी। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व संवेदक—माँ अंबे केमिकल्स, भुन्ना—ने एक माह का वेतन अभी तक नहीं दिया है। नगर आयुक्त के दखल के बावजूद मजदूरी भुगतान नहीं हुआ। मजदूरों का कहना है कि अकसर अनुबंध अवधि पूरी होने के बाद संवेदक बकाया भुगतान रोक देता है, जिससे श्रमिकों में असुरक्षा की भावना बन गई है। बैठक में मजदूर महेन्द्र हेम्ब्रोम, नेशार अंसारी, याकुब अंसारी, लखन रजक, सुरेंद्र हेम्ब्रोम, तुलसी दास, मनोज दास समेत सभी 85 श्रमिक मौजूद रहे। सभी ने आंदोलन को आर-पार की लड़ाई के रूप में जारी रखने का संकल्प लिया।

