JPSC परीक्षा धांधली में बड़ा खुलासा! अध्यक्ष के बैग से 15 अभ्यर्थियों की सूची मिलने का दावा, 10 का हुआ था चयन
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा धांधली मामले में सीआईडी की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार, तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते के लैपटॉप बैग से 15 अभ्यर्थियों की संदिग्ध सूची मिली थी। इनमें से 10 अभ्यर्थियों का अंतिम परिणाम में चयन हुआ था। सफल होने वाले इन 10 अभ्यर्थियों में कश्मीरा हेम्ब्रम, रवि कुमार, महिमा सिंह, विवेक कुमार, जयदीप चौधरी, जनक राज, शालिनी राठी, सेजल सहरावत, विक्की और सरिता बारला के नाम शामिल हैं.
सीआईडी के मुताबिक, सूची में अभ्यर्थियों के रोल नंबर, इंटरव्यू की तारीख और डीएसपी व जेएएस जैसे पदों का विवरण दर्ज था। जांच में तत्कालीन अध्यक्ष और कथित बिचौलियों के बीच कई बार फोन पर बातचीत के रिकॉर्ड भी मिले हैं। इसके अलावा, अध्यक्ष के आवासीय कार्यालय से एफआरओ मुख्य परीक्षा के आठ अभ्यर्थियों के मूल प्रवेश पत्र जब्त किए गए।
जांच में परीक्षा संचालन एजेंसियों पर निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी करने और फर्जी प्रतिस्पर्धी कंपनियां खड़ी करने के आरोप लगे हैं। प्रश्नपत्रों की छपाई, ओएमआर शीट, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और इंटरव्यू तक में कथित हेरफेर की बात सामने आई है।
सीआईडी ने कॉल रिकॉर्ड, दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और सीसीटीवी फुटेज को जांच का आधार बनाया है। मामले में करोड़ों रुपये की कथित घूसखोरी और पद के दुरुपयोग के आरोपों की जांच की गई है। संबंधित आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

