जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था को लेकर JHRA ने SSP को सौंपा सुझाव ज्ञापन, नशाखोरी और भू-माफिया पर कार्रवाई की मांग

झारखंड मानवाधिकार एसोसिएशन (JHRA), जमशेदपुर के प्रतिनिधिमंडल ने आज वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर को कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नशाखोरी, भू-माफिया, अंतर-जिला व अंतर-राज्यीय अपराध नियंत्रण तथा सामुदायिक पुलिसिंग को प्रभावी बनाने हेतु एक विस्तृत सुझाव ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के अध्यक्ष मनोज किशोर ने किया। प्रतिनिधिमंडल में संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश कुमार कीनू, नगर सचिव अखिलेश कुमार सिन्हा, चंद्रशेखर सहाय, राजू कुमार गुप्ता, शंकर महतो एवं टीम का सोए सहित संघ के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित थे।
प्रमुख बिंदु एवं सुझाव:

  1. दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर ‘अंतर-जिला व अंतर-राज्यीय पुलिसिंग समन्वय’ (विशेष प्राथमिकता)
    ज्ञापन का सबसे महत्वपूर्ण सुझाव शहर की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए अंतर-जिला एवं अंतर-राज्यीय पुलिसिंग समन्वय (Inter-District & Inter-State Policing Coordination) स्थापित करना है:
    24×7 डिजिटल एवं सघन चेकिंग पोस्ट: जमशेदपुर की सीमाएं पश्चिम बंगाल तथा सरायकेला-खरसावां जिले से सटी हुई हैं, जिसका लाभ उठाकर अपराधी अक्सर वारदातों को अंजाम देकर दूसरे राज्यों या जिलों में भाग जाते हैं। इसे रोकने के लिए मानगो, बहरागोड़ा, जुगसलाई और पारडीह जैसे प्रमुख सीमावर्ती एवं निकास द्वारों पर 24 घंटे डिजिटल सर्विलांस के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए।
    साझा सूचना नेटवर्क व हॉटलाइन: सरायकेला-खरसावां, पश्चिम मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल) और जमशेदपुर पुलिस के बीच त्वरित सूचना साझा करने हेतु हॉटलाइन और डिजिटल अलर्ट सिस्टम स्थापित किया जाए, ताकि अपराध कर भाग रहे असामाजिक तत्वों को ‘सीमलेस इंटर-डिस्ट्रिक्ट चेज़’ के तहत तुरंत पकड़ा जा सके।
  2. चौक-चौराहों पर अड्डाबाजी एवं दुकानों की समय-सीमा निर्धारण
    शाम 8 बजे के बाद मानगो, जुगसलाई, साकची, गोलमुरी आदि क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों, सुनसान पार्कों, चाय-पान के ठेलों, रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर जुटने वाले असामाजिक तत्वों एवं अड्डाबाजी करने वालों पर टाइगर्स मोबाइल द्वारा सख्त चेकिंग अभियान चलाया जाए।
    आपातकालीन सेवाओं (दवा दुकान व पेट्रोल पंप) को छोड़कर सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, चाय-नाश्ते की दुकानों और खान-पान के स्टॉलों को रात 10:30 बजे तक अनिवार्य रूप से बंद कराने का निर्देश दिया जाए।
  3. वार्ड पार्षदों की माइक्रो-लेवल सहभागिता (Community Governance)
    मानगो और जुगसलाई जैसे सघन आबादी वाले क्षेत्रों में स्थानीय वार्ड पार्षदों की अध्यक्षता में ‘बीट अधिकारी और प्रबुद्ध नागरिकों को जोड़कर वार्ड सुरक्षा समिति’ का गठन हो।
    होटलों, लॉज, किरायेदारों व बाहरी तत्वों के पुलिस वेरिफिकेशन तथा अवैध नशा बेचने वाले हॉटस्पॉट्स की पहचान में वार्ड पार्षदों की जवाबदेही तय की जाए।
  4. नशाखोरी और अवैध हथियारों की सप्लाई चेन पर प्रहार
    स्मैक, गांजा व प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई करने वाले मुख्य तस्करों और नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए।
    ऑनलाइन कूरियर एजेंटों तथा स्थानीय लोहारों व बाजारों में बिना वैध पहचान पत्र के बड़े धारदार हथियारों व चापड़ की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
  5. अवैध भूमि कब्जा, भू-माफिया एवं संगठित अपराध पर कठोर कार्रवाई
    सरकारी, वन विभाग, खासमहाल एवं टाटा स्टील (TISCO) की भूमियों पर अवैध कब्जा करने वाले भू-माफियाओं को चिह्नित कर उन पर संगठित अपराध अधिनियम के तहत कार्रवाई हो।
    भू-माफियाओं और उनके पीछे सक्रिय आपराधिक गिरोहों की संपत्तियों की जांच कर अवैध कमाई को जब्त (Attachment of Property) किया जाए।
    आम नागरिकों की गोपनीय शिकायतें दर्ज करने हेतु पुलिस, जिला भू-राजस्व, वन विभाग और टाटा स्टील के अधिकारियों की एक संयुक्त ‘लैंड क्राइम टास्क फोर्स’ (Land Crime Cell) बनाई जाए।
    झारखंड मानवाधिकार एसोसिएशन (JHRA) आशा व्यक्त करता है कि पुलिस प्रशासन इन व्यावहारिक और रणनीतिक सुझावों पर संज्ञान लेते हुए जमशेदपुर शहरवासियों को एक सुरक्षित, नशामुक्त और भयमुक्त वातावरण प्रदान करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। संगठन ने शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
    निवेदक,
    मनोज किशोर
    अध्यक्ष
    झारखंड मानवाधिकार एसोसिएशन (JHRA)
    जमशेदपुर, झारखंड
    संपर्क: 9304314514, 9431523271

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