कारगिल शहीद हवलदार प्रबोध महतो की जीवनी ‘कर्म ही धर्म’ के रचनाकारों का किया गया सम्मान
कर्म ही धर्म” पुस्तक (कारगिल शहीद हवलदार प्रबोध महतो की जीवनी पर आधारित) के रचनाकार श्री सुमन कुमार पाल जी एवं श्री निरज कुमार पाल जी का अपने कार्यालय में अभिनंदन।
कारगिल शहीद हवलदार प्रबोध महतो के अदम्य साहस, शौर्य एवं बलिदान को अपने शब्दों में संजोने वाली पुस्तक “कर्म ही धर्म” के रचनाकार श्री सुमन कुमार पाल जी एवं श्री नीरज कुमार पाल जी का आगमन मेरे कार्यालय में होने के उपरांत उन्हें तिलक लगाकर एवं अंगवस्त्र से सम्मानित कर हार्दिक अभिनंदन किया। श्री सुमन कुमार पाल जी वीरांगना श्रीमती पुष्पम देवी के भाई तथा स्वर्गीय सूबेदार मेजर श्री चंद्रदेव पाल जी के सुपुत्र हैं तथा श्री निरज कुमार पाल जी शहीद हवलदार प्रबोध महतो जी के भतीजे हैं। शहीद हवलदार प्रबोध महतो के जीवन, सैन्य सेवा, कर्तव्यनिष्ठा, राष्ट्रभक्ति एवं सर्वोच्च बलिदान को पुस्तक ‘कर्म ही धर्म’ के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का सुमन जी का प्रयास अत्यंत सराहनीय है तथा कारगिल शहीद की प्रतिमा स्थापित कराने एवं उसके अनावरण में श्री नीरज कुमार पाल जी योगदान अविस्मरणीय है। जय हिन्द। जय हिन्द की सेना।


