जामडीह में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा: “अस्पताल जामडीह में ही बनेगा, दूसरी जगह नहीं
जामडीह में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा: “अस्पताल जामडीह में ही बनेगा, दूसरी जगह नहीं!”
रामप्रवेश गुप्ता
सैकड़ों ग्रामीणों की हुंकार से गूंजा महुआडांड़—रैली, धरना और प्रदर्शन के बाद अनुमंडल कार्यालय में सौंपा मांग-पत्र; प्रशासन को दिया साफ संदेश, मांगें नहीं मानीं तो पंचायत चुनाव में करेंगे पुरजोर विरोध
महुआडांड़। पंचायत ओरसा के जामडीह में वर्षों से चली आ रही बुनियादी समस्याओं को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सैकड़ों ग्रामीण सड़क पर उतरे, जोरदार रैली निकाली और एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा—जामडीह की समस्याओं का धरातल पर स्थायी समाधान चाहिएसबसे बड़ा मुद्दा जामडीह के लिए स्वीकृत स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण स्थल को दूसरे स्थान पर ले जाने का है। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जब स्वास्थ्य केंद्र जामडीह के लिए स्वीकृत हुआ है तो उसका निर्माण भी जामडीह में ही कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य केंद्र को दूसरे स्थान पर ले जाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अधिकारी एक दिन में दर्द समझ गए, हम वर्षों से झेल रहे हैं”
ग्रामीणों ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र निर्माण को लेकर जब जिला स्तर के अधिकारी निरीक्षण के लिए जामडीह पहुंचे थे, तब अधिकारियों को भी गांव तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा था। ग्रामीणों ने इसी मुद्दे पर प्रशासन से सवाल किया कि जब अधिकारियों को एक दिन में ही जामडीह की बदहाल स्थिति और पहुंच मार्ग की परेशानी का एहसास हो गया, तो ग्रामीण वर्षों से जिस परेशानी को झेल रहे हैं, उसका समाधान करने के बजाय स्वास्थ्य केंद्र को ही दूसरे स्थान पर क्यों ले जाया जा रहा हैग्रामीणों ने दो टूक कहा—हमें अस्पताल की जरूरत है और अस्पताल जामडीह में ही चाहिए। दूसरे स्थान पर निर्माण हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।”
सड़कों से लेकर राशन तक, हर मोर्चे पर उठी आवाज
ग्रामीणों ने सरनाडीह से जामडीह होते हुए ढोढ़ी पत्थल तक सड़क निर्माण तथा छत्तीसगढ़ सीमा से भुगुलडीह तक सड़क निर्माण की मांग उठाई। इसके अलावा जामडीह के ग्रामीणों को राशन जामडीह में ही उपलब्ध कराने, गांव में मतदान केंद्र बनाए जाने, पंचायत ओरसा में बिजली-पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण आम लोगों के साथ-साथ मरीजों, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और गर्भवती महिलाओं तक को आवागमन में गंभीर परेशानी होती है। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र को गांव से दूर करना समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समस्या को और बढ़ाने वाला कदम होगा।
कार्मेल हॉस्पिटल से निकली रैली, अनुमंडल मैदान में बदली सभा में
मांगों को लेकर ग्रामीणों की रैली कार्मेल हॉस्पिटल से शुरू हुई। रैली शास्त्री चौक और बिरसा चौक होते हुए महुआडांड़ अनुमंडल मैदान पहुंची, जहां रैली विशाल सभा में तब्दील हो गई। ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।सभा में ग्रामीणों ने कहा कि जामडीह की समस्या अब किसी से छिपी नहीं है। ग्रामीणों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि, स्थानीय प्रशासन, पत्रकार और स्थानीय ब्लॉगर भी क्षेत्र की समस्याओं की गंभीरता को स्वीकार कर चुके हैं। ऐसे में अब सवाल सीधा है—जब समस्या सबके सामने है तो समाधान के लिए ठोस कार्रवाई कब होगी?
पंचायत चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी
आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने आगामी पंचायत चुनाव का पुरजोर विरोध करने की चेतावनी भी दी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और जामडीह के लिए स्वीकृत स्वास्थ्य केंद्र को दूसरे स्थान पर बनाया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास के नाम पर अब सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं चलेगी। गांव में सड़क, स्वास्थ्य, राशन, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
मुखिया अमृता देवी ने कहा—ग्रामीणों की आवाज को गंभीरता से ले प्रशासन
मुखिया अमृता देवी ने कहा कि जामडीह के ग्रामीण लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्र जामडीह के लिए स्वीकृत है तो उसका निर्माण भी जामडीह में ही होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से ग्रामीणों की भावनाओं और जरूरतों को देखते हुए तत्काल सकारात्मक पहल करने की मांग की।
ग्राम प्रधान भरत नागेसिया बोले—“हम वर्षों से यह दर्द झेल रहे हैं”
ग्राम प्रधान भरत नागेसिया ने कहा कि जामडीह की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं है। अधिकारी जब निरीक्षण के लिए पहुंचे तो उन्हें भी गांव तक आने में कठिनाई हुई थी। ग्रामीण वर्षों से इसी परेशानी को झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वीकृत स्वास्थ्य केंद्र जामडीह में ही बने, यही ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग है।
अनुमंडल कार्यालय में सौंपा गया मांग-पत्र
धरना-प्रदर्शन और रैली के बाद ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनुमंडल कार्यालय में मांग-पत्र सौंपा। ज्ञापन देने के दौरान मुखिया अमृता देवी, ग्राम प्रधान भरत नागेसिया, वार्ड सदस्य सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे

