सड़क पर खुले में घूम रहे पशु बने हादसे का खतरा, ग्रामीणों ने पशु मालिकों से की अपील
सड़क पर खुले में घूम रहे पशु बने हादसे का खतरा, ग्रामीणों ने पशु मालिकों से की अपील
रामप्रवेशगुप्ता
महुआडांड़। प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न सड़कों पर खुले में घूम रहे लावारिस एवं आवारा पशु इन दिनों वाहन चालकों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। सड़क पर जगह-जगह पशुओं के बैठे रहने तथा अचानक वाहनों के सामने आ जाने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। खासकर रात के समय सड़क पर पशु दिखाई नहीं देने के कारण हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि सड़क पर अचानक पशु आ जाने से वाहन को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। कई बार पशुओं को बचाने के चक्कर में चालक अचानक ब्रेक लगाते हैं या वाहन को दूसरी दिशा में मोड़ते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर घूमने वाले पशुओं से केवल वाहन चालकों को ही परेशानी नहीं होती, बल्कि पशुओं की जान पर भी खतरा बना रहता है। तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से पशुओं के घायल होने या उनकी मौत होने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं।ग्रामीणों और वाहन चालकों ने पशु मालिकों से जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा है कि अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें और उन्हें घर या सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखें। उनका कहना है कि पशुओं को सड़क पर खुला छोड़ना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। इससे वाहन चालकों के साथ-साथ पशु मालिकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।लोगों ने स्थानीय प्रशासन से भी इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लेने और सड़कों पर खुले में घूम रहे पशुओं को हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय समय रहते ठोस कदम उठाना जरूरी है।ग्रामीणों की स्पष्ट अपील है—पशुओं को सड़क पर खुला न छोड़ें, घर में बांधकर रखें और खुद भी सुरक्षित रहें तथा दूसरों को भी सुरक्षित रखें।

