राखी के पवित्र धागे ने जोड़ दिया थाना और अनाथ आश्रम का रिश्ता
राखी के पवित्र धागे ने जोड़ दिया थाना और अनाथ आश्रम का रिश्ता
रामप्रवेशगुप्ता
RPS अनाथ आश्रम की बच्चियों ने पुलिस अधिकारियों व जवानों की कलाई पर बांधी राखी, उपहार पाकर खिले चेहरे
महुआडांड़ (लातेहार) रक्षाबंधन के पावन अवसर पर महुआडांड़ थाना परिसर में भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा की अनोखी मिसाल देखने को मिली। RPS अनाथ आश्रम की बच्चियां थाना पहुंचीं और पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को अपना भाई मानकर उनकी कलाई पर राखी बांधी। बच्चियों के हाथों से बंधे रक्षा सूत्र ने थाना परिसर को कुछ देर के लिए भावनाओं, अपनत्व और भाईचारे से भर दिया।बच्चियों ने पुलिसकर्मियों की कलाई पर राखी बांधकर उनके स्वस्थ, सुरक्षित और दीर्घायु रहने की कामना की। वहीं पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने भी बच्चियों को बहनों जैसा स्नेह दिया। राखी बंधवाने के बाद पुलिसकर्मियों ने बच्चियों को उपहार भेंट किए। उपहार पाकर बच्चियों के चेहरे पर खिली मुस्कान पूरे आयोजन का सबसे भावुक और खुशनुमा दृश्य रहा।
पुलिस जवानों को बनाया अपना भाई
थाना प्रभारी अमित कुमार रवि दास ने कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। आश्रम की बच्चियों द्वारा पुलिस जवानों को राखी बांधना हमारे लिए सम्मान और भावुकता का क्षण है। पुलिस समाज के हर वर्ग के साथ खड़ी है और बच्चियों की सुरक्षा एवं खुशी हमेशा महत्वपूर्ण है।
बच्चियों को मिला परिवार जैसा अपनापन
RPS अनाथ आश्रम के संचालक कमलेश यादव ने कहा कि बच्चियों ने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को अपना भाई मानकर राखी बांधी। पुलिस परिवार ने भी जिस अपनत्व और सम्मान के साथ बच्चियों को स्वीकार किया, उससे उनके भीतर सुरक्षा और विश्वास की भावना और मजबूत हुई है।श्रवण यादव ने कहा कि यह आयोजन केवल रक्षाबंधन मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे और मानवीय संवेदना का संदेश देता है। बच्चियों के चेहरे पर आई खुशी ही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
राखी के धागे में बंधा सुरक्षा और विश्वास का संकल्प
थाना परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात की खूबसूरत मिसाल बना कि रिश्ते केवल खून के नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास और संवेदना से भी बनते हैं। अनाथ आश्रम की बच्चियों ने पुलिस जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें भाई का दर्जा दिया, वहीं पुलिस परिवार ने बच्चियों को स्नेह, सम्मान और सुरक्षा का भरोसा दिया।रक्षाबंधन का यह अनोखा आयोजन महुआडांड़ में सामाजिक जिम्मेदारी, मानवीय संवेदना और भाईचारे की यादगार तस्वीर छोड़ गया। मौके पर वनवासी कल्याण केंद्र के अजय उरांव सहित कई समाजसेवी, पुलिस अधिकारी-जवान एवं आश्रम की बच्चियां मौजूद रहीं।

