गिरिडीह : जी.डी. बगड़िया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में धूमधाम से मना गणतंत्र दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन

गिरिडीह : जी.डी. बगड़िया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में धूमधाम से मना गणतंत्र दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन

गिरिडीह : चंदन पांडे

गिरिडीह। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जी.डी. बगड़िया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, गिरिडीह में बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ झंडोत्तोलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व उप महापौर प्रकाश सेठ एवं सामाजिक कार्यकर्ता उदय शंकर उपाध्याय उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में लोकप्रिय कवि व पूर्व प्रधानाध्यापक संजय खेमका, प्रसिद्ध व्यवसायी व समाजसेवी, महाविद्यालय के अध्यक्ष अजय बगड़िया, नील रतन खेतान सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद की भव्य प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें संथाली एवं नागपुरी नृत्य, बालिकाओं की शिक्षा पर आधारित लघु नाटक, “आकांक्षा”, ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित लघु नाटक, स्वागत गीत, योग नृत्य तथा देवघर से आए प्रसिद्ध कलाकार दयानंद जी द्वारा मनमोहक कथक नृत्य की प्रस्तुति शामिल रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व उप महापौर प्रकाश सेठ ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमें अपने कर्तव्यों और अधिकारों को समझते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देता है। वहीं महाविद्यालय अध्यक्ष अजय बगड़िया ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक है।
इस अवसर पर सत्र 2023–2025 के सभी प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया। साथ ही महाविद्यालय स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके अलावा बेहतर उपस्थिति एवं योग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र को 37,500 रुपये का चेक देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य डॉ. अनिल प्रसाद कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राध्यापिका वंदना चौरसिया, रजनी कुमारी, माधुरी कुमारी, रश्मि कुमारी, बिना झा, गुलफ्शान अख्तर, प्राध्यापक अरनब सामंता, प्रकाश वर्मा, अमित कुमार, पंकज गुच्छात सहित सत्र 2024–2026 एवं 2025–2027 के समस्त प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।