धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, देशभर में याद किए गए आदिवासी जननायक
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, देशभर में याद किए गए आदिवासी जननायक
आज धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आदिवासी समाज के महान स्वतंत्रता सेनानी और जननायक बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन और शोषण के खिलाफ संघर्ष कर इतिहास में अमिट छाप छोड़ी थी।
वभगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों ने उनकी प्रतिमा और चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान को याद करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासियों के अधिकारों और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
15 नवंबर 1875 को जन्मे बिरसा मुंडा ने कम उम्र में ही अंग्रेजों के खिलाफ उलगुलान यानी जनक्रांति का बिगुल फूंका था। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आदिवासी समाज को संगठित किया। उनके नेतृत्व में चला आंदोलन ब्रिटिश शासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया था।
बाइट (यदि उपलब्ध हो): “भगवान बिरसा मुंडा सिर्फ आदिवासी समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनका संघर्ष और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।”
9 जून 1900 को रांची जेल में भगवान बिरसा मुंडा का निधन हो गया था। हालांकि उनका जीवन अल्पकालीन रहा, लेकिन उनके विचार और संघर्ष आज भी समाज को दिशा देने का काम कर रहे हैं।
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर देश उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन कर रहा है। उनका संघर्ष, साहस और समाज के प्रति समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।
टैग लाइन: “धरती आबा अमर रहें, बिरसा मुंडा को शत-शत नमन।”

