चुनाव आयुक्तों से सम्बंधित कानून व ईवीएम के रहते विपक्ष को हर चुनाव का बहिष्कार करना चाहिए: झारखण्ड क्रांति मंच

झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने मेदिनीनगर में प्रेस बयान जारी कर कहा है कि मोदी सरकार द्वारा चुनाव आयुक्तों के चयन सम्बंधित असंगत व पक्षपाती कानूनों व दुनिया भर में रिजेक्ट कर दी गई हैकेबल ईवीएम मशीनों के रहते तमाम विपक्षी दलों को ना केवल आनेवाले सभी विधानसभा चुनावों बल्कि आगामी 2029 के लोकसभा चुनाव का अभी से खूलेआम बहिष्कार कर सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष तेज कर देना चाहिए।
जारी बयान में उन्होंने कहा है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी को भारत जोड़ो यात्रा व मुहब्बत की दुकान खोलने के बाद अब बिना समय गंवाए “चुनाव आयुक्तों के चयन संबंधी अलोकतांत्रिक कानून व ईवीएम हटाओ,लोकतंत्र बचाओ ” यात्रा की शुरुआत देशभर में शुरू कर देनी चाहिए।
जेकेएम अध्यक्ष ने कहा है कि आजादी के अमृतकाल में इस देश को मोदी,शाह व ज्ञानेश कुमार के रूप में शर्मनिरपेक्ष प्रजातंत्र के अपहरणकर्ता पीएम,एचएम व मुख्य चुनाव आयुक्त मिल गये हैं, जिन्हें वोट चोर नहीं बल्कि संस्थानिक रुप से वोट लूटनेवाले महा डकैत कहना ज्यादा प्रसांगिक होगा?
बयान के अंत में उन्होंने कहा है कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में बहुजन व सर्वजन समाज के महापुरुषों के त्याग तपस्या व कूर्बानी से निर्मित भारत के संविधान व लोकतंत्र की लंका को गुजराती व्यापारी मोदी,शाह,अडानी, अम्बानी, राजीव कुमार अग्रवाल व ज्ञानेश कुमार गुप्ता ने गोदी मीडिया को खरीदकर जलाने का खूला खेल फर्रुखाबादी शुरू कर दिया है,ऐसे में अब संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक लोकतांत्रिक लोगों को संघर्ष तेज करना ही एकमात्र विकल्प है