चौथे दिन भी नहीं मिला खुशबू का शव, सोन नदी में सर्च अभियान जारी

चौथे दिन भी नहीं मिला खुशबू का शव, श्रीनगर घाट पहुंचे एसडीओ-एसडीपीओ

सोन नदी में जारी है तलाश; पचाडुमर से बिहार सीमा तक चल रहा सर्च अभियान, एनडीआरएफ टीम बुलाने की प्रक्रिया तेज

केतार (गढ़वा)। पाचाडुमर गांव के समीप सोन नदी में सोमवारी के दिन नहाने के दौरान डूबी खुशबू कुमारी (14) का शव चौथे दिन भी बरामद नहीं हो सका। लगातार कई दिनों से चल रहे खोज अभियान के बावजूद कोई सफलता नहीं मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। वहीं स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गुरुवार को श्रीनगर घाट पहुंचकर एसडीओ प्रभाकर मिर्धा, एसडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंह, इंस्पेक्टर गुलाब सिंह, थाना प्रभारी अरुण कुमार रवानी एवं पंचायत सचिव आदित्य कुमार ने खोज अभियान का जायजा लिया। केतार अंचलाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने भी खूशबू का शव के लिए स्थानीय गोताखोरों को प्रयास करने के लिए हमेशा श्रीनगर घाट जारी रहे हैं अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों, गोताखोरों और परिजनों से जानकारी ली तथा अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया।
खुशबू की तलाश में ग्रामीण, स्थानीय युवा और गोताखोर लगातार सोन नदी के विभिन्न घाटों पर खोजबीन कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार पचाडुमर, बीजडीह, खैरवा, कधवन, कौसडीहरा, मैरौनी, हरिहरपुर, दारीदह, श्रीनगर समेत बिहार क्षेत्र के कई घाटों तक तलाश की जा चुकी है। इसके बावजूद खुशबू का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
खोज अभियान में समाजसेवी पंकज सिंह भी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ग्रामीणों के साथ मिलकर वे कई दिनों से नदी किनारे चल रहे अभियान में सहयोग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि इसी घटना में डूबी जूली कुमारी का शव घटना के लगभग 24 घंटे बाद श्रीनगर नाव घाट के समीप बरामद किया गया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। लेकिन खुशबू अब भी लापता है।
इधर, अंचलाधिकारी प्रशांत कुमार ने गोताखोरों की व्यवस्था के लिए उपायुक्त को पत्र भेजा था। इसके आलोक में उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्र ने एनडीआरएफ बिहार के कमांडेंट को पत्र भेजकर टीम उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। वहीं पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही ने भी उपायुक्त से दूरभाष पर बात कर एनडीआरएफ टीम भेजने की मांग की है।
घटना के चौथे दिन भी खुशबू का शव नहीं मिलने से पूरे इलाके में मायूसी का माहौल है। परिजन और ग्रामीण प्रशासन से खोज अभियान और तेज करने की मांग कर रहे हैं।