ब्राइटलैंड स्कूल के 574 बच्चों ने बनाई राखियां, सियाचिन में तैनात जवानों को भेजेंगे डाक से
“राखी बनाओ और डाक से भेजो” प्रतियोगिता में ब्राइटलैंड स्कूल के 574 विद्यार्थियों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग
डाल्टनगंज। ब्राइटलैंड स्कूल, डाल्टनगंज में “राखी बनाओ और डाक से भेजो” प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के कुल 574 विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, रचनात्मकता और देशभक्ति की भावना के साथ भाग लिया।
यह विशेष प्रतियोगिता डाक विभाग, पलामू प्रमंडल के विकास पदाधिकारी श्री राहुल गुप्ता की पहल पर आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने अपने हाथों से आकर्षक एवं रचनात्मक राखियां तैयार कीं। इन राखियों को डाक विभाग के माध्यम से सियाचिन ग्लेशियर, लद्दाख क्षेत्र, श्रीनगर एवं कार निकोबार द्वीप में तैनात वीर वायु योद्धाओं को भेजा जा रहा है।
इस अवसर पर विकास पदाधिकारी श्री राहुल गुप्ता ने कहा, “इस पहल का उद्देश्य देश के सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में तैनात हमारे वीर जवानों को यह एहसास कराना है कि वे भले ही अपने परिवार और समाज से दूर हों, लेकिन वे कभी अकेले नहीं हैं। बच्चों द्वारा अपने हाथों से बनाई गई इन राखियों के माध्यम से हम उन्हें यह संदेश देना चाहते हैं कि देश का हर नागरिक और पूरा देश उनके साथ खड़ा है। ये राखियां केवल रक्षा सूत्र नहीं, बल्कि देशवासियों के प्रेम, सम्मान, कृतज्ञता और देशभक्ति की भावनाओं का प्रतीक हैं। डाक विभाग के माध्यम से इन भावनाओं को हमारे वीर जवानों तक पहुंचाना हमारे लिए गर्व की बात है।”
ब्राइटलैंड स्कूल के प्राचार्य श्री राहुल सिंह ने डाक विभाग, पलामू प्रमंडल का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “इस प्रकार की रचनात्मक एवं देशभक्ति से जुड़ी प्रतियोगिता की पहल करना डाक विभाग का अत्यंत सराहनीय प्रयास है। इससे बच्चों के अंदर देशप्रेम और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत होती है। साथ ही, देश की सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में तैनात हमारे सैनिकों को यह महसूस होता है कि वे अपने देशवासियों से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं और पूरा देश उनके साथ खड़ा है।”
ब्राइटलैंड स्कूल की ओर से श्री विकास कुमार, श्रीमती प्रीति कुमारी एवं अन्य कक्षा शिक्षकों ने प्रतियोगिता के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह आयोजन विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम तथा हमारे वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना विकसित करने के साथ-साथ सीमाओं एवं दुर्गम क्षेत्रों में तैनात जवानों तक देशवासियों का प्रेम पहुंचाने की एक प्रेरणादायी पहल रही।
इस अवसर का संदेश स्पष्ट था—
“हर फौजी भाई के साथ पूरा देश खड़ा है।”


