बारी में सब्जी तोड़ने गई 66 वर्षीय महिला को सांप ने डसा, रांची ले जाने के दौरान मौत
बारी में सब्जी तोड़ने गई 66 वर्षीय महिला को सांप ने डसा, रांची ले जाने के दौरान मौत
घाघरा के सलामी गांव की घटना, गुमला सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद रिम्स किया गया था रेफर; पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव
गुमला। घाघरा थाना क्षेत्र के सलामी गांव में बारी में सब्जी तोड़ने गई 66 वर्षीय महिला सुखेन देवी की सर्पदंश से मौत हो गई। घटना 25 अक्टूबर की दोपहर करीब 1:30 बजे की है। सब्जी तोड़ने के दौरान जहरीले सांप के डसने से महिला की हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल गुमला सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया। हालांकि, रांची ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में शोक का माहौल है।
बारी में सब्जी तोड़ने के दौरान हुआ हादसा
मृतका के पुत्र शंकर खड़िया (24) ने बताया कि उनकी मां सुखेन देवी, पति इमे खड़िया, सलामी गांव की निवासी थीं। 25 अक्टूबर की दोपहर करीब 1:30 बजे वह अपने घर के पास स्थित बारी में सब्जी तोड़ने गई थीं। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। सर्पदंश के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया।
रांची पहुंचने से पहले रास्ते में थम गई सांसें
परिजन सुखेन देवी को बेहतर इलाज की उम्मीद में रांची लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को लेकर वापस गुमला सदर अस्पताल पहुंचे। सोमवार की सुबह गुमला थाना के एसआई अरविंद कुमार अस्पताल पहुंचे और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, गांव में शोक
सुखेन देवी की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद सलामी गांव में शोक का माहौल है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाओं के दौरान समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।

