पलामू: ग्राम पंचायत बारी में उच्च माध्यमिक शिक्षा शुरू कराने की मांग, मुखिया ने उपायुक्त को किया आवेदन
पलामू: ग्राम पंचायत बारी में उच्च माध्यमिक शिक्षा शुरू कराने की मांग, मुखिया ने उपायुक्त को किया आवेदन*
विशेष रिपोर्ट
झारखंड के पलामू जिले के ग्राम पंचायत बारी में शिक्षा की व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग उठी है। बारी के मुखिया नीरोमा कुमारी ने उपायुक्त महोदय, पलामू को औपचारिक आवेदन भेजकर बारी हाई स्कूल भवन में उच्च माध्यमिक (इंटरमीडिएट) कक्षाएं शुरू करने की पुरजोर मांग की है। यह मांग सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि आसपास के कई पंचायतों के सैकड़ों बच्चों-बच्चियों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ी है।
भवन 2014 में बनकर तैयार, लेकिन पढ़ाई अभी भी अधूरी
आवेदन में मुखिया ने विस्तार से बताया है कि उच्च शिक्षा हेतु स्कूल भवन का निर्माण कार्य वर्ष 2014 में ही पूरा हो चुका था। इतने लंबे समय बीत जाने के बाद भी इस भवन में उच्च माध्यमिक कक्षाओं की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। भवन तैयार होने के बावजूद अगर उसमें शिक्षा की व्यवस्था नहीं हो पाती, तो यह संसाधनों की बर्बादी और क्षेत्र के बच्चों के साथ अन्याय दोनों माना जा सकता है।
वर्तमान में स्थानीय बच्चे आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई तो बारी में कर लेते हैं, लेकिन आगे की शिक्षा के लिए उन्हें लगभग 9 किलोमीटर दूर सतबरवा जाना पड़ता है। दूरी ज्यादा होने के कारण खासकर लड़कियों और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए रोजाना आना-जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। परिणामस्वरूप, लगभग 50 से 60 प्रतिशत बच्चे आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। यह आंकड़ा क्षेत्र की शैक्षिक स्थिति की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
पांच पंचायतों के बच्चे प्रभावित
मुखिया के अनुसार, सिर्फ बारी पंचायत ही नहीं, बल्कि आसपास के लगभग पांच पंचायतों के बच्चे-बच्चियां इस समस्या से जूझ रहे हैं। इन पंचायतों में उच्च माध्यमिक शिक्षा की कोई सुविधा न होने से बच्चों को मजबूरन दूर का सफर तय करना पड़ता है। कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण नियमित रूप से बच्चों को स्कूल नहीं भेज पाते। लड़कियों की सुरक्षा और परिवहन की समस्या और भी गंभीर है। नतीजतन, शिक्षा का सपना अधूरा रह जाता है और क्षेत्र का मानव संसाधन विकास प्रभावित होता है।
भवन का अवलोकन भी हो चुका
आवेदन में एक महत्वपूर्ण बात यह भी कही गई है कि जिला स्तर से पैरामेडिकल फाउंडेशन की टीम भवन का अवलोकन कर चुकी है। टीम ने भवन की स्थिति का जायजा लिया है, जिससे साफ है कि प्रशासनिक स्तर पर भी इस मुद्दे की जानकारी है। मुखिया ने उपायुक्त से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर इस भवन में उच्च माध्यमिक कक्षाएं शुरू करवाई जाएं।
क्षेत्रवासियों की आकांक्षा
ग्राम पंचायत बारी के लोग इस मांग को सिर्फ एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास का अहम कदम मान रहे हैं। अगर बारी हाई स्कूल में इंटरमीडिएट की पढ़ाई शुरू हो जाती है, तो आसपास के सैकड़ों बच्चों को घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। इससे ड्रॉपआउट रेट घटेगा, लड़कियों की शिक्षा में सुधार होगा और स्थानीय युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। मुखिया ने स्पष्ट कहा है कि इस महान कार्य के लिए ग्राम पंचायत बारी के सभी लोग उपायुक्त महोदय के आभारी रहेंगे।
शिक्षा ही विकास की नींव
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च माध्यमिक शिक्षा की सुविधा न होना विकास की सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। जब बच्चे आसानी से घर के पास पढ़ाई नहीं कर पाते, तो वे न सिर्फ शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, बल्कि भविष्य में रोजगार के अवसरों से भी दूर हो जाते हैं। बारी जैसे मामलों में प्रशासनिक इच्छाशक्ति और त्वरित कार्रवाई से स्थिति बदल सकती है।
पलामू जिला प्रशासन से अब इस मांग पर सकारात्मक और शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। अगर उपायुक्त कार्यालय इस दिशा में ठोस कदम उठाता है, तो यह न सिर्फ बारी पंचायत बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक मिसाल बनेगा। स्थानीय लोग अब इंतजार कर रहे हैं कि 2014 में बने इस भवन में जल्द ही किताबों की सरसराहट और बच्चों की पढ़ाई की आवाजें गूंजने लगें।

