अकलवानी गांव में श्रीमद् भागवत एकादशी उद्यापन, भक्ति और श्रद्धा का उमड़ा सैलाब

मेराल प्रखंड के अकलवानी गांव में समाजसेवी सह व्यवसाइ धनंजय मिश्रा के आवास पर श्रीमद् भागवत एकादशी उद्यापन का आयोजन किया गया। धनंजय मिश्रा के आवास पर श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में श्रीमद् भागवत एकादशी को लेकर कथा वाचन किया गया। इस पावन अवसर पर वृंदावन से पधारे प्रसिद्ध कथा वाचक स्वामी वृंदावन दास ने विधि-विधानपूर्वक एकादशी उद्यापन संपन्न कराया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर एवं गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और कथा श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हुए भंडारा में प्रसाद ग्रहण किया।स्वामी वृंदावन दास ने श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने एकादशी व्रत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एकादशी का व्रत मनुष्य को आध्यात्मिक शुद्धि प्रदान करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक ग्रंथ है।
उद्यापन के दौरान विधिवत पूजा-अर्चना, हवन एवं मंत्रोच्चार किया गया। वातावरण “हरे कृष्ण, हरे राम” के संकीर्तन से भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने पूरे मनोयोग से कार्यक्रम में भाग लिया और स्वामी जी के प्रवचनों को आत्मसात किया। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने सहभागिता की। इस अवसर पर धनंजय मिश्रा ,मानस कोकिला पुष्पा मिश्रा, ज्ञानरंजन मिश्रा, प्रकाश रंजन मिश्रा अशोक मिश्रा आशीष मिश्रा कुणाल मिश्रा नितेश मिश्रा नीलेश मिश्रा अंकित मिश्रा एवं उनके परिवारजनों ने आए हुए साधु-संतों, अतिथियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है। गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने भी आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन की इच्छा व्यक्त की। इस अवसर पर पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि इस प्रकार के भक्ति आयोजन से क्षेत्र में सुख शांति समृद्धि तथा भक्ति का वातावरण तैयार होता है।