गुमला के बालीधोवा गांव में बिजली-पानी का संकट, एक साल से पोल पर नहीं चढ़ा तार; दो जलमीनारें ठप
रायडीह के बालीधोवा गांव में बिजली-पानी का गंभीर संकट, एक साल से पोल पर नहीं चढ़ा तार; दो जलमीनार भी ठप
मोमबत्ती के सहारे रात गुजार रहे ग्रामीण, डोभा और चुआं का पानी पीने को मजबूर; ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की
गुमला। जिले के रायडीह प्रखंड अंतर्गत कोब्जा पंचायत के बालीधोवा गांव में बिजली और पेयजल की समस्या से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में करीब एक साल पहले बिजली के खंभे तो लगा दिए गए, लेकिन अब तक उन पर तार नहीं चढ़ाया गया है। वहीं, गांव की दोनों जलमीनारें भी लंबे समय से खराब पड़ी हैं। ऐसे में ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में रोजमर्रा की जिंदगी गुजारनी पड़ रही है।
खंभे लगे, लेकिन घरों तक नहीं पहुंची बिजली
ग्रामीण ममता देवी और बालकेश्वर सिंह ने बताया कि गांव में बिजली के खंभे लगाए जाने के बावजूद अब तक तार नहीं खींचा गया है। बिजली की सुविधा नहीं होने और किरासन तेल मिलना बंद हो जाने के कारण ग्रामीणों को रात में मोमबत्ती जलाकर गुजारा करना पड़ता है। इस समस्या का सबसे अधिक असर पढ़ाई करने वाले बच्चों पर पड़ रहा है। शाम होते ही रोशनी की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।
एक-दो साल से खराब पड़ी हैं जलमीनारें
बिजली के साथ-साथ गांव में पेयजल की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। ग्रामीण गीता देवी के अनुसार, गांव में दो जलमीनारें हैं, लेकिन एक करीब एक साल से और दूसरी लगभग दो साल से खराब पड़ी है। जलमीनारों के बंद रहने के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए दूसरे स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें डोभा और चुआं का पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है।
चुनावी वादों के बाद भी समाधान नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर चुनाव के दौरान समस्याओं के समाधान का आश्वासन देने और बाद में गांव की परेशानियों पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया है। लंबे समय से बिजली और पेयजल की समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने समाजसेवी कमल किशोर किसान को अपनी परेशानी से अवगत कराया और प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की।
ग्रामीणों की मांग है कि बिजली के खंभों पर जल्द तार लगाया जाए तथा दोनों खराब जलमीनारों की मरम्मत कराकर पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए, ताकि गांव के लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
अब सवाल यह है कि बालीधोवा गांव के लोगों को बिजली और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग कब ठोस कदम उठाएंगे।ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देकर जल्द समाधान सुनिश्चित करेगा।

