सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरगंडा, गिरिडीह में योग दिवस पर “संस्कार संकल्प” की गूंज, हजारों हाथ उठे संकल्प के लिए
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरगंडा, गिरिडीह में योग दिवस पर “संस्कार संकल्प” की गूंज, हजारों हाथ उठे संकल्प के लिए
गिरिडीह, बरगंडा। विद्या भारती की प्रेरणा से सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस “संस्कार महोत्सव” के रूप में उल्लासपूर्वक मनाया गया। “स्वस्थ तन, निर्मल मन, प्रखर भारत” के उद्घोष के साथ विद्यालय प्रांगण योगमय हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य आनंद कमल ने दीप प्रज्वलित कर महर्षि पतंजलि के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया। विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष अर्जुन मिष्टकार ने उद्बोधन में कहा – “योग से ही चरित्र निर्माण होता है। विद्या भारती की यही शिक्षा बच्चों को संस्कारवान बना रही है।”
पतंजलि योगाचार्य राजकुमार बरनवाल एवं सुनीता बरनवाल के निर्देशन में भैया-बहनों, आचार्य दीदी और अभिभावकों ने 70 मिनट का पूर्ण योगाभ्यास किया। मंत्रोच्चार के साथ सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन तक आसन और भस्त्रिका से भ्रामरी तक प्राणायाम ने वातावरण को ऊर्जावान कर दिया।
इस अवसर पर विद्यालय की पूर्व छात्रा प्रिया कुमारी ने विशेष रूप से पहुंचकर योग की पांच स्थितियों का सटीक प्रदर्शन किया। उन्होंने सभी भैया-बहनों को प्रेरित करते हुए कहा – “योग ही सफलता की कुंजी है। योग से हमारा मन-मस्तिष्क स्वस्थ होता है।”
विद्यालय के आचार्य निलेश जी ने भी योग प्रदर्शन कर भैया-बहनों को उत्साहित किया।
प्रधानाचार्य आनंद कमल ने कहा – “योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, यह हमारी सनातन जीवनशैली है। जो छात्र प्रतिदिन 20 मिनट योग करेगा, उसका मन एकाग्र होगा, स्मृति बढ़ेगी और वह परीक्षा में ही नहीं, जीवन के हर क्षेत्र में अव्वल आएगा। विद्या भारती का संकल्प है – तन से बलवान, मन से निर्मल, बुद्धि से प्रखर नागरिक तैयार करना। आज का संकल्प कल का भारत बनाएगा।
कार्यक्रम की सफल व्यवस्था में आचार्य नलिन कुमार एवं अजित मिश्र का विशेष योगदान रहा। समापन पर डॉ. ब्रजेश बर्णवाल ने सभी को सामूहिक संकल्प दिलाया – “हम प्रतिदिन योग करेंगे, योग को दिनचर्या का अंग बनाएंगे और तन स्वस्थ रखकर माँ भारती की सेवा करेंगे।” सम्पूर्ण प्रांगण एक स्वर में गरजा – “रोज योग करेंगे, निरोग भारत बनाएंगे”।
कार्यक्रम का समापन *आचार्य जितेंद्र मिश्र द्वारा कराए गए समापन मंत्रोच्चार के साथ हुआ।
यह आयोजन बरगंडा क्षेत्र में योग संस्कार की नई अलख जगाने में मील का पत्थर सिद्ध हुआ।
तन मन शुद्ध करे सदा, योग अमोघ उपाय।
भैया-बहन जगें सभी, भारत माँ बल पाय॥

