10वें दिन धरना समाप्त कराने पहुंचे विधायक व सिविल सर्जन बैरंग लौटे

10वें दिन धरना समाप्त कराने पहुंचे विधायक व सिविल सर्जन बैरंग लौटे

सीएचसी बिरनी में 63 लाख रु के खर्च में अनियमितता व फर्जी योग्यता पर काम कर रहे कर्मियों के सवाल पर चल रहे ग्रामीणों के धरना से दसवें दिन शासन की नींद टूटी. दसवें दिन गुरुवार को आंदोलन समाप्त करने लगभग 12 बजे पहुंचे विधायक नागेंद्र महतो तथा सीएच डॉ बच्चा सिंह की एक नहीं चली. साथ में बिरनी के बीडीओ फणीश्वर रजवार एवं सीओ संदीप मधेसिया भी थे. डीसी के हवाले से दिये गये आश्वासन की प्रति नहीं दिये जाने पर ग्रामीण धरना पर अड़े रहे और सभी को बैरंग लौटना पड़ा धरना पर बैठे लोगों को डीसी के हवाले से विधायक ने बताया कि एक जुलाई को सीएचसी में कार्यरत प्रभारी डॉ साकिब जमाल को यहां से हटा दिया जायेगा. साथ ही 15 दिनों में कार्यरत फर्जी योग्यता कर्मियों से कागजात की मांग करते हुए उसकी जांच की जायेगी. उसके बाद उन पर कार्रवाई करेंगे. साथ ही 63 लाख रु के खर्च में की गई अनियमितता की भी जांच होगी जांच मेंगड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई के लिए विभाग को पत्र भेजा जायेगा. विधायक की बातों को सुनते ही धरना पर बैठे लोग भड़क गये और कार्रवाई की जगह मामले में लीपापोती करने का आरोप लगाया सीएस से अब तक की कार्यवाही व डीसी द्वारा गठित दो सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग पर सीएस ने जांच रिपोर्ट नहीं लाने की बात कही. लोगों ने मेल या वाट्सएप पर मंगाने की बात कही, पर वे इससे मुकर गये. दो एएनएम की योग्यता फर्जी पाये जाने व सात एएनएम, जीएनएम व फार्मासिस्ट की योग्यता संदेहात्मक उजागर होने के बाद कार्रवाई नहीं किये जाने पर जवाब मांगा तो सीएस ने उन लोगों से 15 दिनों में सभी कागजात मांगने की बात कही. इसके बाद जांच कर आगे की कार्यवाही करने की बात कही गयी इससे लोग भड़क गये, लगभग डेढ़ घंटे के शोर-शराबे के बाद विधायक व सीएस बैरंग लौट गये।