पांकी के ताल पंचायत के जोबला में चकडैम निर्माण में भारी अनियमितता, घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर मुखिया ने जताई कड़ी आपत्ति

पांकी के ताल पंचायत के जोबला में चकडैम निर्माण में भारी अनियमितता, घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर मुखिया ने जताई कड़ी आपत्ति

जंगल के पत्थर से बना दिया चकडैम ,वन विभाग को जानकारी नहीं

​पांकी प्रखंड के ताल पंचायत अंतर्गत जोबला गांव में चल रहे चकडैम निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और लापरवाही का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार, इस सरकारी योजना में गुणवत्ता के मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है। निर्माण कार्य की बदहाली को देखते हुए स्थानीय मुखिया ने इस पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई है।
​जंगल के पत्थरों और मिट्टी युक्त बालू से हो रहा निर्माण-
​निर्माण स्थल से सामने आईं तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कार्य में बेहद निम्न स्तर की निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। नियमानुसार जहां अच्छी गुणवत्ता वाले बोल्डर और साफ बालू का इस्तेमाल होना चाहिए, वहीं इस चकडैम में जंगल से लाए गए कच्चे व कमजोर पत्थरों को धड़ल्ले से लगाया जा रहा है।
​इसके अलावा, कंक्रीट और सीमेंट के मिश्रण के लिए जिस बालू का उपयोग हो रहा है, उसमें अत्यधिक मात्रा में मिट्टी मिली हुई है। तस्वीरों में निर्माण स्थल पर मिट्टी नुमा घटिया बालू के बड़े-बड़े ढेर और कंक्रीट मिक्सर मशीन को साफ तौर पर देखा जा सकता है, जो कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल रहे हैं।
लाखों की लागत से बना रहे चेक डैम के निर्माण कार्य में जंगलों से अवैध उत्खनन कर पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है वन के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की जा रही है वन भूमि को नुकसान पहुंचाते हुए पास के जंगलों से बोल्डर खोदकर व तोड़कर संग्रहित किया जा रहा है, वन संरक्षण अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है बावजूद वन विभाग को इसकी कोई जानकारी नहीं है।
कार्यस्थल पर किसी तरह का बोर्ड एवं शीला पट्ट भी नहीं लगा है जिससे कार्य के पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं,

​मुखिया ने जताई कड़ी आपत्ति, जांच की मांग
​चकडैम निर्माण में बरती जा रही इस धांधली को लेकर ताल पंचायत के मुखिया अनीता लोहरा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने घटिया निर्माण कार्य पर सख्त आपत्ति जताई। मुखिया का कहना है कि सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना में ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से जनता के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है। मिट्टी युक्त बालू और कमजोर पत्थरों से बना यह चकडैम पहली बारिश की तेज धार भी नहीं झेल पाएगा, जिससे भविष्य में जल संचयन का उद्देश्य पूरी तरह विफल हो जाएगा।
​पहली ही बारिश में ढहने का खतरा
​ बन रहे ढांचे की फिनिशिंग और जोड़ों को देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीमेंट की मात्रा बेहद कम रखी गई है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी आक्रोश जताते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण ठेकेदार मनमाने ढंग से काम करा रहा है।
​ग्रामीणों और मुखिया ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने, घटिया निर्माण कार्य को रुकवाने और दोषी एजेंसी/ठेकेदार के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।