​पांकी के नौडीहा पंचायत में आवास योजना में बड़ा खेल, निलंबित स्वयंसेवक पर अवैध वसूली का आरोप

​पांकी के नौडीहा पंचायत में आवास योजना में बड़ा खेल, निलंबित स्वयंसेवक पर अवैध वसूली का आरोप

आवास योजना के लाभुक के बगैर जानकारी के दूसरे व्यक्ति के खाते में पैसे भेज कर किया गया गबन

आधा दर्जन से अधिक आवास योजना की हुई हेराफेरी

एक परिवार में दो से तीन लोगों को मिला आवास योजना का लाभ, बिन बनाए हो गई पैसे की निकासी

कई आवास योजना का कार्य दूसरे तल्ले पर बावजूद हो गया भुगतान

​पांकी प्रखंड के नौडीहा पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों और लाभुकों का आरोप है कि पंचायत के ही एक निलंबित स्वयंसेवक रंजीत प्रसाद के द्वारा आवास योजना की राशि स्वीकृत कराने और किश्त जारी करने के नाम पर गरीब लाभुकों से हजारों रुपये की अवैध वसूली की जा रही है।
​निलंबन के बाद भी धड़ल्ले से चल रहा वसूली का खेल
​स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उक्त स्वयंसेवक को पूर्व में भी कार्य में लापरवाही और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों के बाद विभाग द्वारा निलंबित कर दिया गया था। नियमतः निलंबन के बाद उसे किसी भी सरकारी कार्य या योजना की प्रक्रिया से दूर रहना था। लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। आरोपी स्वयंसेवक अधिकारियों के साथ अपनी कथित सांठगांठ और धौंस दिखाकर सीधे-साधे ग्रामीणों को गुमराह कर रहा है। वह खुद को अभी भी पद पर बताकर लाभुकों से किश्त पास कराने के एवज में ‘कमीशन’ वसूल रहा है।
​सीधे-साधे लाभुकों को बनाया जा रहा निशाना
​नौडीहा पंचायत के कई गरीब लाभुकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उक्त स्वयंसेवक के द्वारा आवास प्लस योजना का लाभ दिलाने के नाम 10000 से लेकर ₹30000 तक की की वसूली की जा रही है यही नहीं आवास की अगली किश्त जारी करने के नाम पर उनसे 5,000 से लेकर 10,000 रुपये तक की मांग की जा रही है। जो लाभुक पैसे देने में असमर्थता जता रहे हैं, उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है और उनका जिओ-टैगिंग या योजना रद्द कराने की धमकी दी जा रही है। पैसे नहीं देने के कारण कई गरीब परिवारों के मकान का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है।
यही नहीं उक्त पंचायत में कई ऐसे आवास योजना के लाभुक है जिनका आवास किसी अन्य व्यक्ति को दे दिया गया वहीं कई ऐसे लाभुक हैं जिन्हें जानकारी तक नहीं है और उनके आवास की राशि किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भेज कर गबन किया जा चुका है। उक्त पंचायत में कई आवास योजना का कार्य मकान के दूसरे तल्ले पर भी हुआ है।
​ग्रामीणों में भारी आक्रोश, जांच की मांग
​निलंबित कर्मी की इस मनमानी और प्रखंड प्रशासन की कथित उदासीनता को लेकर नौडीहा पंचायत के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार गरीबों को पक्का मकान देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे बिचौलिए और निलंबित कर्मी पूरी योजना को पलीता लगा रहे हैं। ग्रामीणों ने पलामू उपायुक्त और पांकी प्रखंड विकास पदाधिकारी से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने और दोषी निलंबित स्वयंसेवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
​इस संबंध में जब प्रखंड के अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। कोई भी निलंबित कर्मी यदि आवास योजना के नाम पर वसूली कर रहा है, तो यह गंभीर अपराध है। मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
​अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और नौडीहा पंचायत के गरीब लाभुकों को इस मानसिक और आर्थिक शोषण से कब तक मुक्ति मिलती है।