निशा भगत के निधन पर मेदिनीनगर में शोकसभा, भाकपा नेताओं ने की सीबीआई जांच की मांग

आदिवासी नेत्री निशा भगत के निधन पर कचहरी परिसर में शोकसभा, भाकपा नेताओं ने की सीबीआई जांच की मांग

रुचिर तिवारी ने कहा— निशा भगत जल, जंगल और जमीन की लड़ाई लड़ने वाली साहसी आवाज थीं; आत्महत्या के लिए जिम्मेदार लोगों पर दर्ज हो मुकदमा।

मेदिनीनगर। आज कचहरी परिसर में आदिवासी नेत्री निशा भगत के निधन पर शोकसभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता रुचिर कुमार तिवारी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि निशा भगत हमेशा आम आवाम की आवाज उठाती थीं। वे जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती थीं। खासकर भू-माफियाओं के खिलाफ उन्होंने कई आंदोलनों में प्रमुख भूमिका निभाई थी। समाज और राजनीति को ऐसे संघर्षशील एवं जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले लोगों की आवश्यकता है।

श्री तिवारी ने आरोप लगाया कि आत्महत्या से पहले निशा भगत ने पिठोरिया थाना प्रभारी से फोन पर बात की थी, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना था कि यदि समय रहते उनकी शिकायत पर संवेदनशीलता से कार्रवाई की जाती, तो शायद इस दुखद घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने इस पूरे मामले में थाना प्रभारी की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की। वही निशा भगत को भाजपा और आरएसएस के हिंदुत्व का भी शिकार हुई और बाद में भाजपा के लोगों में इस्तेमाल करके उसे छोड़ दिया।

उन्होंने कहा कि निशा भगत को आत्महत्या के लिए कथित रूप से प्रेरित करने वाले सभी लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई से जांच कराने की मांग की।
शोकसभा में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निशा भगत के संघर्षों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा दोषियों पर निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।
इस अवसर पर वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता सूर्यपत सिंह, नौजवान संघ के जिला सचिव अभय कुमार भूइंया, मनोज कुमार सिंह, श्रद्धानंद तिवारी, रंजीत राम, चंद्रशेखर तिवारी सहित कई लोग उपस्थित थे।