बी.पी. डीएवी पब्लिक स्कूल में छठ महापर्व की सांस्कृतिक प्रस्तुति एवं अंतरसदनीय रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन

बी.पी. डीएवी पब्लिक स्कूल में छठ महापर्व की सांस्कृतिक प्रस्तुति एवं अंतरसदनीय रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन

फराठिया, गढ़वा। बी.पी. डीएवी पब्लिक स्कूल, फराठिया में आज भारतीय संस्कृति, लोक आस्था एवं विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्रथम कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की संपूर्ण प्रक्रिया पर आधारित एक आकर्षक एवं शिक्षाप्रद स्किट प्रस्तुत की गई, जबकि द्वितीय कार्यक्रम में सीसीए (को-करिकुलर एक्टिविटीज) के अंतर्गत अंतरसदनीय रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

छठ महापर्व की संपूर्ण परंपरा को स्किट के माध्यम से किया गया प्रस्तुत

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छठ महापर्व पर आधारित सांस्कृतिक स्किट रही। इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने इस पावन पर्व की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्ता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में छठ पूजा की शुरुआत से लेकर उसके विभिन्न अनुष्ठानों को क्रमबद्ध रूप से दर्शाया गया। इसमें नहाय-खाय, खरना, अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य तथा उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा को जीवंत अभिनय के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के जरिए छठ महापर्व से जुड़े नियमों, पवित्रता, अनुशासन, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता तथा सूर्योपासना के महत्व को रेखांकित किया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को छठ महापर्व की संपूर्ण परंपरा एवं उसके आध्यात्मिक संदेश से परिचित कराया।

इस सांस्कृतिक प्रस्तुति का निर्देशन एवं नेतृत्व श्री मनोज कुमार सिन्हा ने किया। कार्यक्रम को सफल एवं प्रभावशाली बनाने में श्री पुरुषोत्तम कुमार मिश्रा, सुश्री दिव्या तिवारी सहित अन्य शिक्षकों का सराहनीय सहयोग रहा।

अंतरसदनीय रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई कलात्मक प्रतिभा

दूसरे कार्यक्रम के अंतर्गत सीसीए गतिविधियों के तहत अंतरसदनीय रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के विभिन्न सदनों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी कलात्मक प्रतिभा, रचनात्मक सोच एवं रंगों के सुंदर संयोजन का परिचय दिया। विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगोलियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपरा, पर्व-त्योहार एवं सामाजिक संदेशों को अभिव्यक्त किया।

प्रतियोगिता को तीन वर्गों में विभाजित किया गया था। विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर परिणाम इस प्रकार रहे-

जूनियर ग्रुप (कक्षा III से V)

  • प्रथम स्थान – दयानंद सदन
  • द्वितीय स्थान – हंसराज सदन
  • तृतीय स्थान – श्रद्धानंद सदन

मिडिल ग्रुप (कक्षा VI से VIII)

  • प्रथम स्थान – श्रद्धानंद सदन
  • द्वितीय स्थान – विवेकानंद सदन
  • तृतीय स्थान – दयानंद सदन

सीनियर ग्रुप (कक्षा IX से XII)

  • प्रथम स्थान – विवेकानंद सदन
  • द्वितीय स्थान – दयानंद सदन
  • तृतीय स्थान – हंसराज सदन एवं विवेकानंद सदन (संयुक्त रूप से)

निर्णायक मंडल में शामिल रहीं कला एवं संस्कृति क्षेत्र की प्रतिष्ठित साधिकाएं

रंगोली प्रतियोगिता के निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन के लिए कला एवं सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़ी तीन विशिष्ट साधिकाओं को निर्णायक मंडल में आमंत्रित किया गया था।

  1. सुश्री खुशबू उपाध्याय – कला साधिका, पं. हर्ष द्विवेदी कला मंच, नवादा, गढ़वा (झारखंड)।
  2. सुश्री अर्चना मिश्रा – कला एवं योग साधिका, संस्कार भारती, गढ़वा जिला इकाई।
  3. सुश्री अनुपमा पाण्डेय – कला साधिका, पं. हर्ष द्विवेदी कला मंच, नवादा, गढ़वा (झारखंड)।

निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों की कलात्मक अभिव्यक्ति, रंगों के संयोजन, विषयवस्तु, रचनात्मकता एवं प्रस्तुति के आधार पर रंगोलियों का मूल्यांकन किया।

प्राचार्य ने की विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के प्रयासों की सराहना

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री सुषांत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय में शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ते हुए उनका सर्वांगीण विकास करना भी है। छठ महापर्व पर आधारित स्किट के माध्यम से विद्यार्थियों ने हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक आस्था को समझने तथा उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया है। वहीं, रंगोली जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताएं बच्चों की कल्पनाशीलता, कलात्मक क्षमता और सामूहिक कार्य करने की भावना को विकसित करती हैं। उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों एवं आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता से सफल हुआ आयोजन

संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के सुपरवाइजरी हेड श्री शम्भु कुमार तिवारी ने प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया। संपूर्ण आयोजन विद्यालय के सीसीए प्रभारी श्री राजेंद्र यादव की देखरेख में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में श्री राजेंद्र यादव, श्री पुरुषोत्तम कुमार मिश्रा, सुश्री ममता तिवारी, श्री गोविंद नारायण दूबे, श्री वरुण चौबे, श्री नितिन राज, श्री विवेकानंद पाठक, विकास द्विवेदी एवं श्री आशीष रंजन सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति एवं सहभागिता रही।

इसके अतिरिक्त विभिन्न सदनों के हाउस मास्टर्स ने भी आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें दयानंद सदन से सुश्री सगुफी नाजनीन, हंसराज सदन से सुश्री जागृति उपाध्याय, श्रद्धानंद सदन से सुश्री कुमारी विभा पाण्डेय तथा विवेकानंद सदन से सुश्री सरिता पाण्डेय शामिल रहीं।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं लोक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ अपनी रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित करने का सार्थक अवसर प्राप्त हुआ। दोनों कार्यक्रम उत्साहपूर्ण, अनुशासित एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुए।