नेपाल की जल प्रलय के लिए मानव हस्तक्षेप जिम्मेदार : झारखंड क्रांति मंच
नेपाल की जल प्रलय के लिए मानव हस्तक्षेप जिम्मेदार : झारखंड क्रांति मंच
जेकेएम ने नेपाल त्रासदी पर जताई संवेदना, लापता झारखंडवासियों को शीघ्र खोजने की मांग
मेदिनीनगर, 31 अगस्त। झारखंड क्रांति मंच के केंद्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने सोमवार को मेदिनीनगर में प्रेस बयान जारी कर 26 अगस्त 2026 को नेपाल में आई भीषण जल प्रलय में नेपाल, भारत, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका समेत विभिन्न देशों के नागरिकों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण के साथ लगातार हो रहे मानवीय हस्तक्षेप और ग्लोबल वार्मिंग के कारण हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियरों के पिघलने और बर्फ के पहाड़ों के टूटने से अप्रत्याशित बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी से नेपाल में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। साथ ही जल विद्युत परियोजनाओं, पुल-पुलिया, सड़क और संचार समेत कई आधारभूत संरचनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
मानवीय हस्तक्षेप पर जताई चिंता
जेकेएम अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि तिब्बत समेत हिमालयी क्षेत्र में सैन्य प्रतिष्ठानों और कथित विकास परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर जंगलों और पहाड़ों की कटाई जैसे मानवीय हस्तक्षेप पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने का असर नेपाल के साथ-साथ भारत के तराई क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते नेपाल को संभावित जल प्रलय की जानकारी और पर्याप्त चेतावनी दी गई होती, तो जनहानि को कम किया जा सकता था।
युद्धों से बढ़ते पर्यावरणीय खतरे का किया जिक्र
शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने कहा कि ऐसी प्राकृतिक आपदाओं के पीछे केवल एक देश की नीतियां जिम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध तथा अमेरिका-इजरायल और ईरान से जुड़े संघर्षों में आधुनिक हथियारों, मिसाइलों और ड्रोन के व्यापक इस्तेमाल को भी पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताया।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते वैश्विक तापमान और पर्यावरणीय असंतुलन के कारण आने वाले समय में दुनिया के कई देश बाढ़ और जल प्रलय जैसी गंभीर आपदाओं की चपेट में आ सकते हैं।
विकास के नाम पर पर्यावरण विनाश का लगाया आरोप
जेकेएम अध्यक्ष ने वैश्विक पूंजीवादी अर्थव्यवस्था और विकास के मौजूदा मॉडल पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक ओर पर्यावरण संरक्षण के नारे दिए जा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
लापता झारखंडवासियों को शीघ्र खोजने की मांग
झारखंड क्रांति मंच ने नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद केंद्र सरकार द्वारा खाद्य सामग्री समेत आपदा राहत के लिए आवश्यक उपकरण और अन्य सहायता भेजने के निर्णय का स्वागत किया है।
साथ ही मंच ने नेपाल की त्रासदी में अब तक लापता हुसैनाबाद-हैदरनगर क्षेत्र के निवासी महेंद्र विश्वकर्मा समेत झारखंड के अन्य लापता लोगों की शीघ्र तलाश कराने की मांग की है। जेकेएम अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस दिशा में आवश्यक पहल करते हुए लापता लोगों की जल्द खोजबीन सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है।

