मंईयां सम्मान पर सियासी संग्राम, 7 सितंबर को कांडी में गरजेगा जेएमएम

मंईयां सम्मान पर सियासी संग्राम, 7 सितंबर को कांडी में गरजेगा जेएमएम

कांडी, गढ़वा। झारखंड में मंईयां सम्मान योजना को लेकर सियासी घमासान तेज होता नजर आ रहा है। झामुमो के आधिकारिक युवा प्रवक्ता सह केंद्रीय समिति सदस्य धीरज दुबे ने कांडी में बैठक कर केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा।

इमामुद्दीन खान के आवास पर आयोजित बैठक में धीरज दुबे ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड के आर्थिक अधिकारों और राजस्व पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है, जिससे राज्य की विकास योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

धीरज दुबे ने दावा किया कि खान एवं खनन संशोधन विधेयक के कारण झारखंड को सालाना करीब 15 हजार करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य के इसी राजस्व से महिलाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाएं संचालित होती हैं और मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये दिए जा रहे हैं।

जेएमएम नेता ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार, हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड के अधिकार और आर्थिक हितों की लड़ाई को अब गांव-गांव तक ले जाया जाएगा।

इसी क्रम में कांडी प्रखंड की सभी 16 पंचायतों से मंईयां सम्मान योजना की लाभुक महिलाओं को आंदोलन से जोड़ने की तैयारी है। कार्यकर्ताओं से पंचायत स्तर पर संपर्क अभियान चलाने और अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

धीरज दुबे ने ऐलान किया कि 7 सितंबर, सोमवार को कांडी प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और मंईयां सम्मान योजना की लाभुक महिलाओं से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की।

बैठक में जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष मुन्ना ठाकुर, अंजनी सिंह, इमामुद्दीन खान, प्रमोद कुमार, सूर्य देव पाल समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

अब सबकी नजरें 7 सितंबर के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन पर टिकी हैं। देखना होगा कि 16 पंचायतों से महिलाओं की कितनी भागीदारी होती है और जेएमएम का यह आंदोलन कांडी की सियासत में कितना बड़ा संदेश देता है।