नई खतियान लागू नहीं होने से परेशान हैं छतरपुर के रैयत, त्रुटियों को सुधार कर अविलम्ब लागू हो छतरपुर में नया खतियान: अरविंद
नई खतियान लागू नहीं होने से परेशान हैं छतरपुर के रैयत, त्रुटियों को सुधार कर अविलम्ब लागू हो छतरपुर में नया खतियान: अरविंद
छत्तरपुर संवाददाता यमुना प्रसाद यादव
छतरपुर: पलामू में भूमि सुधार कार्यालय के द्वारा अजब गजब कारनामा किया जा रहा है। ताजे मामले की बात करें तो पलामू जिले में सारे प्रखंडों के नये खतियान लागू हो गये हैं, सिर्फ छतरपुर का आधा अधूरा त्रुटियुक्त खतियान लागू होने से छतरपुर के रैयतों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मसलन की न तो एनएचएआई द्वारा उनकी अधिग्रहित भूमि का मुआवजा मिल पा रहा है और न ही वे कोई आवश्यक कार्य ही कर पा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और छतरपुर के नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अरविंद गुप्ता चुनमुन ने इस मामले में पलामू के भूमि सुधार विभाग के मंत्री दीपक बिरुआ और पलामू ज़िले के डीसी से इसे अविलम्ब लागू करने की मांग की है, ताकि रैयतों को उनका वाजिब हक मिल सके उन्होंने कहा कि खतियान में कई त्रुटियां भी हैं जिसमें सुधार की जरूरत है।कहा कि अफसोस इस बात का है कि नया खतियान लागू न होने से छतरपुर के जिन रैयतों की जमीन फोर लेन निर्माण के दौरान अधिग्रहित की गई थी उन्हें अभी तक उनके मुआवजे का भुगतान नहीं हो पाया है। जिसके कारण वे दर बदर की ठोकरें खा रहे हैं। एनएचएआई के द्वारा छतरपुर में जो सड़क बनाई गई है उसमें जिनकी भी जमीन अधिग्रहित की गई है, उनमें से अधिकांशों को मुआवजा नहीं मिल पाया है, साथ ही साथ उन्हें कई अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जबकि छतरपुर छोड़कर पलामू ज़िले के सभी प्रखंडों में नया खतियान लागू हो गया है और उसके अनुसार एनएचएआई के द्वारा भुगतान भी किया जा चुका है।
इस मामले में रैयत सोनू कुमार बबलू चंद्रवंशी पिंटू कुमार, महेंद्र साहू, सत्येंद्र कुमार, सोनू चौधरी, मनोज चौधरी, राकेश कुमार, अनूप कुमार चौधरी, अरविंद कुमार, यदु प्रसाद, अशोक प्रसाद, बिनोद प्रसाद, राजेन्द्र कुमार, प्रदीप कुमार सहित सैकड़ो रैयत ऐसे हैं, जो नया खतियान लागू नहीं होने से भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। छतरपुर के लोगों ने सरकार और अधिकारियों से सहानुभूति पूर्वक उनकी समस्याओं के निदान की मांग की है साथी कहा है कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे लोग आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे

