नामधारी महाविद्यालय में कुप्रबंधन पर छात्रों का फूटा गुस्सा, जेसीएम के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुआ नामांकन
नामधारी महाविद्यालय में कुप्रबंधन पर छात्रों का फूटा गुस्सा, जेसीएम के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुआ नामांकन
नामधारी महाविद्यालय में आज स्नातक सत्र 2022-26 के सेमेस्टर-5 के नामांकन के दौरान कॉलेज प्रशासन की भारी लापरवाही और संवेदनहीनता देखने को मिली। महाविद्यालय प्रबंधन की लचर व्यवस्था के कारण सैकड़ों छात्र-छात्राओं को भीषण गर्मी में दिन भर कतारों में खड़ा रहना पड़ा, जिससे आक्रोशित होकर छात्रों ने कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा किया और प्राचार्य कक्ष में ताला जड़ दिया। सेमेस्टर-5 में नामांकन के लिए आज कॉलेज में 500 से अधिक छात्र-छात्राएं पहुंचे थे। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने मात्र एक काउंटर का संचालन किया। इसके कारण सुबह से ही काउंटर पर भारी भीड़ जमा हो गई। कतार इतनी लंबी थी कि छात्राओं को भी घंटों खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ा। कॉलेज प्रबंधन द्वारा पेयजल या बैठने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई थी।घंटों कतार में खड़े रहने के बाद जब छात्रों का धैर्य जवाब दे गया, तो उन्होंने मामले की शिकायत महाविद्यालय मे उपस्थित विश्वविद्यालय के कुलपति (वीसी) से की। कुलपति से वार्ता के बाद भी जब कॉलेज स्तर पर कोई त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्राचार्य कक्ष का घेराव किया और कक्ष के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। छात्र मांग कर रहे थे कि काउंटरों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए। तालाबंदी और हंगामे की सूचना मिलते ही झारखंड छात्र मोर्चा (जेसीएम) के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कॉलेज परिसर पहुंचे। जेसीएम के नेताओं ने पीड़ित छात्रों से बात की और उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया। इसके बाद छात्र मोर्चा के प्रतिनिधियों ने कॉलेज प्रबंधन और प्रभारी प्राचार्य से तीखी बहस की और चेतावनी दी कि जब तक अतिरिक्त काउंटर नहीं खोले जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जेसीएम के कड़े रुख और बढ़ते दबाव के आगे झुकते हुए कॉलेज प्रशासन ने तुरंत नए काउंटर खोलने का निर्णय लिया। अतिरिक्त काउंटर शुरू होने के बाद नामांकन प्रक्रिया में तेजी आई और कतारें छोटी हुईं, जिसके बाद छात्रों ने प्राचार्य कक्ष का ताला खोला। साथ ही महाविद्यालय मे औचक उपस्थिति भी कराई गई जहां महाविद्यालय परिसर मे कुछ शिक्षक और टिचचिंग एसिसटें अनुपस्थित पाए गए । झारखंड छात्र मोर्चा ने भविष्य में छात्रों के अधिकारों और सुविधाओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कॉलेज प्रशासन ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया, तो छात्र संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
विश्वविद्यालय कोषाध्यक्ष सुभेन्द्र कुमार ने कहा की नामधारी महाविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण आज सैकड़ों छात्र-छात्राओं को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। 500 से अधिक विद्यार्थियों के लिए सिर्फ एक काउंटर खोलना कॉलेज प्रबंधन की संवेदनहीनता को दर्शाता है। झारखंड छात्र मोर्चा छात्रों के अधिकारों के लिए हमेशा तत्पर है। हमारे कड़े हस्तक्षेप के बाद ही प्रशासन ने घुटने टेके और अतिरिक्त काउंटर खोले। छात्र नेता शंशाक चौबे ने कहा की नामधारी महाविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से संवेदनहीन और गूंगा-बहरा हो चुका है। डिग्री बांटने के नाम पर मोटी फीस वसूलने वाला यह कॉलेज आज छात्रों के लिए प्रताड़ना का केंद्र बन गया है। 500 से अधिक छात्र-छात्राओं को इस चिलचिलाती धूप में मवेशियों की तरह एक अदद काउंटर के सामने खड़ा रखना कॉलेज प्रबंधन की प्रशासनिक विफलता और तानाशाही का जीता-जागता सबूत है। हम कॉलेज प्रशासन को चेतावनी देते हैं कि भविष्य में ऐसी कूप्रबंधन की पुनरावृत्ति हुई, तो संगठन इससे भी उग्र आंदोलन करेगा। मौके पर जिलाध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी, जिला सचिव विकास चंद्रवंशी, जिला कोषाध्यक्ष सूरज कुमार तिवारी, आयुष झा, विकास, गौतम सहित सैकड़ो छात्र उपस्थित थे।


