“मेराल में जमीन म्यूटेशन विवाद पहुंचा मुख्यमंत्री तक, जांच में सामने आई गड़बड़ी”
मेराल। प्रखंड के हासनदाग गांव निवासी शिवम चौबे ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर दो माह से अंचल कार्यालय द्वारा जमीन का म्यूटेशन लटका कर रखने की शिकायत दर्ज किया है। जो यह मामला मुख्यमंत्री के ट्यूटर अकाउंट पर ट्रेंड कर रहा है। इस संबंध में सीओ यशवंत नायक ने बताया कि शिवम चौबे के बाबा अम्बिका चौबे ने म्यूटेशन के लिए केवाला दिया था जो तीस वर्ष पूर्व का केवाला था। उन्होंने बताया कि अम्बिका चौबे ने अपने भाई देव मुनी चौबे से जमीन खरीदी किये थे। खरीदी किए गए जमीन का प्लॉट 1022 से 10 डीसमील प्लॉट 494 से दस डीसमील और पलौट 514 से पांच डीसमील है। यह सभी प्लॉट रजिस्टर टू में नहीं है। इन सभी प्लॉट को राजस्व कर्मचारी से जाँच कराया गया लेकिन रजिस्टर टू में नहीं मिला। सीओ यशवंत नायक ने बताया कि अम्बिका चौबे ने दबाव बनाकर अपने म्यूटेशन कराना चाह रहे थे। उन्होंने बताया कि जाँच में पाया गया कि विक्रेता के नाम से कोई जमाबंदी क़ायम नहीं है। अम्बिका चौबे के द्वारा लिखित आवेदन दिया गया था कि उनका नामांतरण उसी गांव के रैयत जगदेव मलाह पिता मनन मलाह के जमीन रजिस्टर टू 1/32 से घटाकर मेरा नामांतरण करा दिया जाए। जिसमें जगदेव मलाह का आपत्ति था कि यह जमीन हम लोगों के द्वारा बिक्री नहीं किया गया है इसलिए नामांतरण नहीं किया जाए जाँच के क्रम मे पाया गया कि आवेदक अम्बिका चौबे के द्वारा जिस भूमि का नामांतरण हेतु आवेदन दिया गया था उसका बिक्रेता के नाम पर जमाबंदी क़ायम नहीं है और दूसरे के जमाबंदी से नामांतरण स्वीकृत किया जाना नियमानुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में चल रहा है।


