मुहर्रम पर भाईचारे, शांति और इंसानियत का संदेश, मिशन मोड़ से निकला भव्य ताजिया जुलूस
मुहर्रम पर भाईचारे, शांति और इंसानियत का संदेश, मिशन मोड़ से निकला भव्य ताजिया जुलूस
मुहर्रम सत्य, न्याय, त्याग और मानवता की रक्षा के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा का प्रतीक – थाना प्रभारी, सदर
मुहर्रम का वास्तविक संदेश समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारा और मानवीय मूल्यों को सशक्त करना है- दीपक तिवारी
मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना तथा इस्लाम के पवित्र महीनों में से एक है। यह उल्लास का नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए पैगंबर हजरत मुहम्मद के नवासे(नाती) हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला के मैदान में दी गई महान शहादत को स्मरण करने का अवसर है। मुहर्रम का संदेश अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने, सत्य के मार्ग पर अडिग रहने तथा मानवता की रक्षा के लिए हर बलिदान देने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर पलामू जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत चियांकी पंचायत स्थित मिशन मोड़ से मुहर्रम का पारंपरिक ताजिया जुलूस श्रद्धा, अनुशासन और आपसी सौहार्द के वातावरण में निकाला गया। जुलूस का शुभारंभ सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी एवं समाजसेवी-सह-झामुमो नेता दीपक तिवारी ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान दोनों अतिथियों ने पारंपरिक गदका खेल का उद्घाटन किया तथा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की।
ताजिया जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भाग लिया। युवाओं ने गदका, लाठी और अन्य पारंपरिक कलाओं का रोमांचक एवं आकर्षक प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों और क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द का अनुपम दृश्य देखने को मिला। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
इस अवसर पर सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी ने कहा कि मुहर्रम सत्य, न्याय, त्याग और मानवता की रक्षा के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा का प्रतीक है। कर्बला की शहादत आज भी पूरी दुनिया को यह संदेश देती है कि अन्याय और अत्याचार के सामने कभी झुकना नहीं चाहिए। उन्होंने सभी लोगों से आपसी प्रेम, भाईचारे और शांति के साथ समाज में सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
समाजसेवी-सह-झामुमो नेता दीपक तिवारी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि समूची मानवता की अमूल्य धरोहर है। उनका जीवन और बलिदान यह सिखाता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, सत्य और इंसाफ का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुहर्रम का वास्तविक संदेश समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारा और मानवीय मूल्यों को सशक्त करना है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने कर्बला के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सत्य, न्याय, मानवता और सांप्रदायिक सौहार्द की रक्षा का संकल्प लिया। पूरे आयोजन का समापन शांतिपूर्ण, गरिमामय एवं भाईचारे के वातावरण में हुआ, जिसने सामाजिक एकता और आपसी विश्वास की मिसाल प्रस्तुत की। मौके पर हज़ारों धर्मावलंबी सदर थाना के अवर निरिक्षक शमाल अहमद, मुहर्रम कमिटी के सदर परवेज़ अख्तर, मुमताज़ अंसारी, यासीन अंसारी, चियांकी मुखिया बिंको उरांव, उमेश उरांव, हसबुद्दीन अंसारी, पंचायत समिति सदस्य सतीश तिवारी, व्यवसायी चंद्रशेखर मेहता इत्यादि मौजूद रहे।

