लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान राष्ट्र के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक : रंजित कुमार राय
लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान राष्ट्र के लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक : रंजित कुमार राय
भारतीय जनता पार्टी गिरिडीह महानगर द्वारा आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानी एवं मीसाबंदी श्री कृष्ण रंजन प्रसाद (लोकतंत्र सेनानी संघ) को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भाजपा गिरिडीह महानगर जिला अध्यक्ष रंजित कुमार राय ने उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर उनके अदम्य साहस, त्याग और लोकतंत्र के प्रति समर्पण का सम्मान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष रंजित कुमार राय ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगा दिया गया, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया गया, विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया के जेलों में बंद कर दिया गया तथा संविधान की मूल भावना को आघात पहुंचाया गया। ऐसे कठिन दौर में अनेक राष्ट्रभक्तों ने अपने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग कर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया। आज उन लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करना प्रत्येक लोकतंत्र प्रेमी नागरिक का नैतिक दायित्व है।
इस अवसर पर उपस्थित भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष केवल उस समय की सरकार के विरोध तक सीमित नहीं था, बल्कि वह भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए किया गया ऐतिहासिक आंदोलन था। ऐसे सेनानियों के त्याग और बलिदान के कारण ही देश में पुनः लोकतंत्र की स्थापना संभव हो सकी। नई पीढ़ी को भी इस इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है ताकि लोकतंत्र की रक्षा के प्रति समाज सदैव जागरूक रहे।
सम्मान ग्रहण करने के उपरांत वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानी एवं मीसाबंदी श्री कृष्ण रंजन प्रसाद ने आपातकाल के दौरान अपने संघर्षपूर्ण अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि आपातकाल के दौरान उन्हें चार वर्षों से भी अधिक समय तक विभिन्न जेलों में बंद रखा गया। इस अवधि में उन्हें तीन अलग-अलग जेलों में स्थानांतरित किया गया तथा सामान्य अपराधियों की तरह अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया। उन्होंने कहा कि उस कठिन दौर में अनेक लोकतंत्र सेनानियों ने यातनाएं झेलीं, लेकिन किसी ने भी लोकतंत्र और राष्ट्रहित के अपने संकल्प से समझौता नहीं किया। इसी दौरान उनके पिता की मृत्यु हो गई उनके अन्तिम संस्कार के लिए परिवारजन स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाते रहे परंतु अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं मिली इस बात की पीड़ा आजतक हैं। लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए किया गया वह संघर्ष उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने श्री कृष्ण रंजन प्रसाद के संघर्ष, साहस और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी निष्ठा को नमन करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। साथ ही आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी मीसाबंदियों एवं लोकतंत्र सेनानियों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की गई।
इस अवसर पर जिला महामंत्री संदीप डैंगेइच, जिला पूर्व उपाध्यक्ष संजय कुमार सिंह, जिला मंत्री सुरेश प्रसाद मंडल, किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष अनूप सिन्हा सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन लोकतंत्र की रक्षा एवं संविधान की मर्यादा को अक्षुण्ण बनाए रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

