कला धरोहर यात्रा का दूसरा चरण 5 अप्रैल को, विरासत संरक्षण का दिया जाएगा संदेश

कला धरोहर यात्रा का दूसरा चरण 5 अप्रैल को, विरासत संरक्षण का दिया जाएगा संदेश

        कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती के झारखंड प्रांत द्वारा आयोजित कला धरोहर यात्रा का दूसरा चरण आगामी 5 अप्रैल 2026 दिन रविवार को प्रातः 6:15 बजे आरंभ होगा। यह यात्रा काली स्थान मंदिर, चिनिया मोड़, गढ़वा से प्रारंभ होकर शिव पहाड़ी गुफा, भवनाथपुर (गढ़वा) तक पहुँचेगी, जहाँ इसका समापन किया जाएगा। 
         इस यात्रा का उद्देश्य क्षेत्र की प्राचीन कला एवं सांस्कृतिक धरोहरों को जन-जन तक पहुँचाना तथा उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना है।
         इस संबंध में जानकारी देते हुए संस्कार भारती झारखंड प्रांत के कला धरोहर संयोजक नीरज श्रीधर 'स्वर्गीय' ने बताया कि यह यात्रा देश के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए पंच प्रण के अंतर्गत “अपनी विरासत पर गर्व” करने की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान है, जिसे जानना, समझना और संरक्षित करना हम सभी का कर्तव्य है।
          उन्होंने आगे बताया कि कला धरोहर यात्रा का आयोजन एक निश्चित अंतराल पर निरंतर किया जाएगा, ताकि झारखंड प्रांत के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों को उजागर किया जा सके। इस पहल के माध्यम से न केवल स्थानीय धरोहरों को पहचान मिलेगी, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।
          यात्रा के दौरान प्रतिभागी विभिन्न स्थलों का अवलोकन करेंगे तथा उनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानकारी भी प्राप्त करेंगे। साथ ही, यह प्रयास किया जाएगा कि इन स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समाज में जागरूकता बढ़े और स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो।
           नीरज श्रीधर 'स्वर्गीय' ने इस पुनीत कार्य में सभी नागरिकों, कला प्रेमियों एवं समाजसेवियों से सक्रिय भागीदारी एवं सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल सांस्कृतिक चेतना का विकास होता है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी जाता है।
            कला धरोहर यात्रा का यह दूसरा चरण गढ़वा जिले के सांस्कृतिक परिदृश्य को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।